नई दिल्ली, 2 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि सरकार ने 37 मेगाफूड पार्क बनाने की अनुमति दी है जिसमें से 8 शुरू हो गई हैं। उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण में 32 लाख मीट्रिक टन क्षमता का सृजन किया गया।
केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति के साथ गुरुवार को सरकार द्वारा उठाए गए अनेक कदमों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया, “कोल्ड चेन परियोजना के जरिये हमने कोल्ड स्टोरेज की क्षमता में 1.2 लाख मीट्रिक टन, 53.05 मीट्रिक टन प्रति घंटा क्विक फ्रीज (आईक्यूएफ), 19 लाख मीट्रिक टन दूध का प्रसंस्करण और 240 रीफर वैन में वृद्धि किया है।”
बादल ने कहा कि मंत्रालय ने फल वाले क्षेत्र में अपशिष्ट को शून्य के स्तर तक लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए उन्होंने भारत में स्वदेशी मल्टीब्रांड निर्माण रिटेल में शत प्रतिशत एफडीआई लाने के तरीके पर प्रकाश डाला। इसके तहत 37 मेगाफूड पार्क और 134 कोल्ड चेन परियोजनाएं बनाई गई।
बादल ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण रोजगारोन्मुखी सेक्टर है। इसमें निवेश की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए विदेशी और घरेलू निवेशकों हेतु एकल खिड़की सुविधा प्रकोष्ठ बनाया गया है। नाबार्ड द्वारा 2000 करोड़ रुपये का एक विशेष कोष फूड पार्कों में कृषि प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना के लिए रियायती कर्ज के लिए बनाया गया है।
उन्होंने घोषणा की कि मंत्रालय किसानों को सूचना देने तथा उद्यमियों को खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने के लिए मोबाइल आधारित वन स्टोप एप की शुरूआत करेगा।
बादल ने बताया कि प्रसंस्करण इकाइयों के लिए उत्पाद शुल्क में 10 प्रतिशत से घटाकर 6 प्रतिशत कर दिया गया है। फलों और सब्जियों की प्री कोल्ड स्टोरेज सेवाओं जैसे प्री कंडिशनिंग, प्री कूलिंग, रिपेलनंग और वैक्सिंग, लेबलिंग आदि सेवाओं को सेवा कर से मुक्त कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि खाद्य एवं कृषि आधारित प्रसंस्करण इकाइयों तथ कोल्ड चेन को 100 करोड़ रुपये तक के कर्ज के लिए कृषि के प्राथमिक सेक्टर में रखा गया है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत सितंबर 2015 से अब तक 24084 लोगों को खाद्य प्रसंस्करण सेक्टर में प्रशिक्षण दिया गया है।
मंत्री ने खुलासा किया कि उनका अगला लक्ष्य लघु और मध्यम मंझोले उद्योगों की स्थापना करना है। इसके लिए उन्होंने ‘संपदा’ नामक एक नई योजना की शुरूआत की है जिससे अधिक पैदावार वाले क्षेत्रों के आसपास कृषि प्रसंस्करण संकुलों के निर्बाध विकास पर ध्यान देगी। खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय के इन सभी पहलों से किसानों की आय को दोगुना करने तथा अपशिष्ट को कम करने में बहुत मदद मिलेगी।
dharmpath.com dharmpath