नई दिल्ली, 3 जून (आईएएनएस)। उपग्रह संचार प्रोद्यौगिकी में नवाचार के इस्तेमाल को बढ़ावा देने को लेकर आयोजित किए जा रहे दूसरे इन्टरनेशनल इण्डिया सैटकॉम सम्मेलन ‘इण्डिया सैटकोम-201’ में विभिन्न विशेषज्ञों के साथ मंत्री व अधिकारीगण चर्चा करेंगे।
केन्द्रीय संचार एवं सूचना प्रोद्यौगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने डिजिटल इण्डिया आउटरीच अभियान के तहत पिछले सप्ताह 16 वैनों को हरी झंडी दिखाकर नौ राज्यों के 34 जिलों की ओर रवाना किया था। इस नई पहल के साथ सरकार को उम्मीद है कि 10 लाख लोगों को मौजूदा ब्रॉडबैण्ड प्रोद्यौगिकियों जैसे ऑप्टिकल फाइबर, मोबाइल, केबल के माध्यम से उपग्रह सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
इण्डिया सैटकोम सम्मेलन-2016 के प्रतिनिधियों को आमंत्रित करते हुए बीआईएफ के अध्यक्ष टीवी रामचन्द्रन ने कहा, “डिजिटल इण्डिया, मेक इन इण्डिया और सभी के लिए ब्रॉडबैण्ड उपलब्ध कराने के लिए कई समानांतर प्रोद्यौगिकियों जैसे सैटेलाइट कम्युनिकेशन (सैटकॉम) को एकीकृत करना जरूरी है। गौरतलब है कि ये अभियान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दिल के बेहद करीब हैं। इस तरह के एकीकरण के द्वारा किफायती ब्रॉडबैण्ड को देश के सुदूर इलाकों, विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में पहुंचाया जा सकेगा।”
सम्मेलन के दौरान अगली पीढ़ी की उपग्रह संचार प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने के लिए नीतिगत सुधारों एवं विनियमों पर भी विचार किया जाएगा तथा भारत में ब्रॉडबैण्ड इनेबल्ड सेवाओं जैसे माय गव, डिजिटल लॉकर, आधार एवं अन्य डिजिटल सेवाओं को विस्तारित करने के लिए किफायती ब्रॉडबैण्ड की व्यवहार्यता का प्रदर्शन किया जाएगा।
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