मुंबई, 4 जून (आईएएनएस)। महाराष्ट्र की भाजपा सरकार को एक बड़ा झटका लगा है। राज्य सरकार में दूसरा सबसे बड़ा कद रखने वाले राजस्व मंत्री एकनाथ खडसे को एक के बाद एक कई विवादों में फंसने के बाद शनिवार को मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना पड़ा। खडसे पर एक विवादित भूमि सौदे में भ्रष्टाचार का आरोप है। इसके अलावा अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से कथित रिश्ते को लेकर भी वह विवादों में थे। सरकार ने उनके खिलाफ लगे आरोपों की जांच बंबई उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराने की घोषणा की है।
सूत्रों के मुताबिक, कभी मुख्यमंत्री पद के दावेदार रहे खडसे (63) के पास राजस्व, अल्पसंख्यक विकास एवं वक्फ, राज्य उत्पाद, राहत एवं पुनर्वास, भूकंप पुनर्वास, बागवानी, कृषि और पशुपालन, डेयरी विकास और मछली पालन विभाग थे। उन्होंने शनिवार की सुबह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की और मंत्री पद से इस्तीफा सौंपा। बाद में फडणवीस ने जांच की घोषणा की।
भाजपा के विधायकों के बीच खडसे के पर्याप्त समर्थन को देखते हुए उनके द्वारा दो साल पर होने वाले राज्य के छह राज्यसभा की सीटों और 10 विधान परिषद की सीटों के चुनाव में गड़बड़ी की आशंका थी। इसे देखते हुए शुक्रवार को जब चुनाव संपन्न हो गया तब शनिवार को यह इस्तीफा आया। इस बीच सभी दलों के नेता बिना किसी विरोध के चुनाव जीत गए।
राजभवन के एक अधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री की संस्तुति के बाद खडसे का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष रावसाहेब दानवे ने मीडिया से कहा कि खडसे ने ‘नैतिकता के आधार’ पर इस्तीफा दिया है, लेकिन पार्टी पूरी दृढ़ता के साथ उनके पीछे खड़ी है।
राज्य में चार दशकों के दौरान पार्टी को मजबूत करने के लिए दानवे ने उत्तरी मुंबई से अन्य पिछड़ी जाति (ओबीसी) के भाजपा नेता खडसे के योगदान की सराहना की।
खडसे ने अपना बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने ‘कुछ भी गलत नहीं किया है’ और न ही अपने ‘पद का दुरुपयोग किया’ है। वह पिछले कुछ हफ्ते से मीडिया ट्रायल के शिकार हैं।
खडसे ने कहा, “मैंने कुछ भी गलत नहीं किया.. जब मेरे खिलाफ आरोप लगे, तो मैंने आरोप लगाने वालों को सबूत पेश करने को कहा, जो वह कर नहीं पाए। मैंने मुख्यमंत्री से आरोपों और आरोप लगाने वालों की पूरी जांच करने को कहा है।”
पार्टी के अंदर और पार्टी के बाहर से अपनी आलोचना करने वालों पर बरसते हुए खडसे ने कहा, ‘यह भाजपा पर हमला है।’ यहां उल्लेखनीय है कि कुछ अन्य नाराज मंत्री भी खडसे के खिलाफ विभिन्न तरह के आरोप लेकर मुख्यमंत्री फडणवीस से मिले थे।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने शाम में ट्वीट किया कि खडसे ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच की मांग की है। बंबई उच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश को इस जांच के लिए नियुक्त किया जाएगा।
इससे पहले शुक्रवार को फडणवीस ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से नई दिल्ली में मुलाकात की थी और इस मुद्दे पर उन्हें विस्तृत जानकारी सौंपी थी।
इसके बाद फडणवीस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक की और उन्हें इस विवाद से राज्य में धूमिल हो रही भाजपा की ‘साफ छवि’ से अवगत कराया।
खडसे पिछले कुछ सप्ताह से विवादों में थे। भ्रष्टाचार के मामलों में वह सत्तारूढ़ गठबंधन की सहयोगी पार्टी शिवसेना सहित कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और आम आदमी पार्टी (आप) और सामाजिक कार्यकर्ताओं की आलोचना झेल रहे थे।
खडसे ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए स्वयं को निर्दोष साबित करने की प्रतिबद्धता जताई है।
खडसे पर पुणे में महाराष्ट्र औद्योगिक विकास कॉर्पोरेशन (एमआईडीसी) के एक औद्योगिक प्लॉट को कौड़ियों के भाव आवंटित करने और उन्हें अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के लगातार फोन आने के आरोप लगे हैं।
खडसे के एक सहयोगी गजानन पाटिल द्वारा ठाणे के कल्याण में प्रस्तावित भूमि के संबंध में 30 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप भी हैं।
आप की पूर्व कार्यकर्ता अंजलि दमनिया ने उन पर करोड़ों रुपये के सिंचाई घोटाले में भी संलिप्तता का आरोप लगाया। इसके अलावा, सबसे नए आरोप में मछुआरों की एक सोसाइटी ने खडसे पर रिश्वतखोरी का आरोप लगाया है।
विपक्षी दल कांग्रेस ने खडसे के इस्तीफे का स्वागत किया है। साथ ही मांग की है घोटाले में जिन अन्य मंत्रियों का नाम आया है, वे भी इस्तीफा दें।
मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष संजय निरूपम ने कहा, “खडसे को तत्काल गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मुकदमा चलाना चाहिए।”
कांग्रेस नेता और नवनिर्वाचित विधायक नारायण राणे ने कहा कि मुख्यमंत्री खेल खेल रहे हैं और अपनी पार्टी से पिछड़े वर्ग के सभी नेताओं का सफाया कर रहे हैं। उनके साथ बड़ा अन्याय कर रहे हैं।
खडसे के दावे का मजाक उड़ाते हुए राकांपा के नेता ने कहा कि यदि इस्तीफा नैतिकता के आधार पर था, तो इतना अधिक विलंब क्यों किया?
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