लखनऊ/बागपत, 8 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने फोन पर अधिकारियों को गाली देने और धमकाने वाले दर्जा प्राप्त मंत्री कुलदीप उज्जवल को बर्खास्त कर दिया है।
राज्य मद्य निषेध परिषद के अध्यक्ष कुलदीप उज्जवल ने जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) को फोन कर उनके लिए, डीएम और सीडीओ के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था।
कुलदीप और डीपीआरओ की बातचीत की रिकार्डिग वायरल हो गई, इसके बाद मुख्यमंत्री की ओर से यह कार्रवाई की गई है। कुलदीप बागपत विधानसभा क्षेत्र से सपा प्रत्याशी भी हैं।
गौरतलब है कि अपनी ही सरकार में अपने कहे अनुसार ग्राम सचिव पद पर दो लोगों की नियुक्ति और स्थानांतरण न होने से गुस्साए राज्य मद्य निषेध परिषद के चेयरमैन और बागपत विधानसभा क्षेत्र से सपा प्रत्याशी कुलदीप उज्जवल ने पूरे जिले के प्रशासनिक सिस्टम को भ्रष्टाचार में लिप्त बता दिया।
कुलदीप ने डीपीआरओ सर्वेश कुमार पांडेय को करीब चार दिन पहले रात 11 बजे फोन किया था।
उज्जवल ने डीपीआरओ से कहा, “डीपीआरओ साहब! आपने आजतक मेरा असली रूप नहीं देखा। सोमवार को आ रहा हूं कलक्ट्रेट में। मैं स्टूडेंट लीडर रहा हूं। युनिवर्सिटी का प्रेसीडेंट रहा हूं। तुम सब लोगों को तुम्हें, सीडीओ को, डीएम को असलियत बताऊंगा। तुम कर क्या रहे हो।”
उन्होंने आगे कहा, “मेरे पास सब लोगों का कच्चा चिट्ठा है। शर्म नहीं आई तुम लोगों को मैं सपा कैंडीडेट हूं, दो लोगों के लिए कहा है केवल। एक मेरे गांव का है और दूसरे के लिए छह के छह प्रधानों ने मांग की है। तुम्हें शर्म नहीं आई कि उस काम को कर देते।”
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