वाशिंगटन, 8 जून (आईएएनएस)। अमेरिका-भारत व्यापार परिषद (यूएसआईबीसी) के सदस्यों ने भारत में सितंबर 2014 के बाद से 28 अरब डॉलर निवेश किया है और 45 अरब डॉलर अतिरिक्त निवेश करने वाले हैं। यह जानकारी परिषद अध्यक्ष जॉन चैंबर्स ने यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दी।
उन्होंने कहा, “सितंबर 2014 में यूएसआईबीसी सदस्यों ने अगले दो-तीन साल में 41 अरब डॉलर निवेश किए जाने का संकेत दिया था। आज यह बताते मुझे खुशी हो रही है कि यूएसआईबीसी के करीब 20 फीसदी सदस्यों ने 28 अरब डॉलर निवेश कर दिया है।”
उन्होंने कहा, “अगले दो-तीन साल में हम इस गति में और तेजी देखेंगे। फिर से 20 फीसदी सदस्यों ने यह संकेत दिया है कि यूएसआईबीसी सदस्य 45 अरब डॉलर अतिरिक्त निवेश करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। यह न्यूनतम अनुमान है।”
चैंबर्स प्रधानमंत्री मोदी की यूएसआईबीसी सदस्यों के साथ हुए एक गोलमेज सम्मेलन के बाद उनसे मिले। इस सम्मेलन में पिप्सको, मास्टर कार्ड, वारबर्ग पिनकस, लॉकहीड मार्टिन, बोइंग, वेस्टिंगहाउस, इंटेलसैट, इमर्सन और 8मिनट एनर्जी जैसी विख्यात कंपनियों के शीर्ष अधिकारी भी मौजूद थे।
मोदी ने सम्मेलन में अमेजन के जेफ बेजोस और सन फार्माश्यूटिकल्स के दिलीप सांघवी को यूएसआईबीसी ग्लोबल लीडरशिप पुरस्कार प्रदान किया।
पुरस्कार लेने के बाद सांघवी ने कहा कि अमेरिका उनकी कंपनी का सबसे बड़ा बाजार है और कंपनी की करीब 50 फीसदी आय अमेरिका में होती है।
सांघवी ने कहा, “हमने अमेरिका में करीब चार अरब डॉलर निवेश किए हैं और हम लगातार विनिर्माण, अवसंरचना और अनुसंधान और विकास (आरएंडडी) में निवेश करते रहेंगे।”
बेजोस ने कहा कि अमेजन भारत में तीन अरब डॉलर और निवेश करेगा।
बेजोस ने कहा, “हमने भारत में करीब 45 हजार रोजगार सृजन किए हैं और आगे भी भारतीय अर्थव्यवस्था में भारी संभावना देखते हैं।”
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने सम्मेलन में भारतीय अर्थव्यवस्था और इसके प्रतिभावान श्रम बल की सराहना की और उनके साथ सौर ऊर्जा तथा डिजिटल कनेक्टिविटी संभावना पर चर्चा की।
बाद में मोदी के सम्मान में आयोजित एक समारोह में उन्होंने अमेरिका में भारतीय समुदाय के योगदान की सराहना की और कहा कि अमेरिकी पूंजी और नवाचार तथा भारतीय मानव संसाधन और उद्यमिता के बीच एक शक्तिशाली साझेदारी हो सकती है।
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