नई दिल्ली, 8 जून (आईएएनएस)। भारत को युवाओं को हुनरमंद करने की जरूरत है, ताकि जब आबादी की उम्र 60 साल या इससे अधिक हो तो देश का विकास बाधित नहीं हो। वर्ष 2050 तक बहुतों की उम्र इतनी हो जाएगी। केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री पीयूष गोयल ने यहां बुधवार को यह बात कही।
गोयल यहां एक पुस्तक के विमोचन समारोह में भाग ले रहे थे। उन्होंने कहा कि जब तक हम सही दिशा न दें और युवाओं को कल के लिए मजबूत नहीं बनाएं तब तक जनसंख्या देश के लिए वरदान या तबाही हो सकती है।
मंत्री ने कहा कि देश को वर्ष 2050 तक उम्रदराज लोगों के बोझ का सामना करना पड़ सकता है। भारत को ऐसी समस्याओं से बचाने के लिए हमें आज के युवाओं में कौशल विकास और उद्यमिता के हुनर पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है।
संयुक्त राष्ट्र की एक रपट के मुताबिक, वर्ष 2050 तक 60 साल या उससे अधिक उम्र वाले भारतीयों की संख्या 360 गुना बढ़ जाएगी।
अभी देश में 10 करोड़ बुजुर्ग हैं। वर्ष 2050 तक यह संख्या बढ़कर 32.3 करोड़ हो जाने की उम्मीद है। अनुमान के मुताबिक भारत की तब जनसंख्या एक अरब 65 करोड़ होगी, जिसमें बुजुर्गो की संख्या करीब 20 फीसदी होगी।
गोयल ने कहा कि भारत के विकास को बढ़ाना देश के युवाओं का असली सशक्तीकरण है। यह केवल सही संरचनात्मक ढांचे से ही हो सकता है। इसका बड़ा हिस्सा बिजली से जुड़ा है।
उन्होंने कहा, कुछ मामलों में भारत में आज इस विषय में बहुत सारे प्रयास किए जा रहे हैं।
मंत्री ने यह भी कहा कि विकास से जुड़ी सभी योजनाओं एवं गतिविधियों में महिलाओं पर ध्यान देने की जरूरत है, क्योंकि उनमें भारत का भाग्य बदल देने की क्षमता है।
उन्होंने कहा, “व्यक्तिगत तौर पर मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है कि इस देश की महिलाओं में बदलाव का प्रतिनिधि बनने की क्षमता है।”
इस अवसर पर उन्होंने जाने-माने अर्थशास्त्री हरिंदर एस. कोहली की पुस्तक ‘द वर्ल्ड इन 2050-स्ट्राइविंगफॉर मोर जस्ट प्रोस्परस एंड हारमोनियस ग्लोबल कम्युनिटी’ का विमोचन किया। इस पुस्तक में देश में महिला सशक्तीकरण, बुनियादी संरचना और कौशल विकास पर जोर दिया गया है।
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