रांची, 8 जून (आईएएनएस)। झारखंड से राज्यसभा के दो सदस्यों के चुनाव की तैयारी हो चुकी है, लेकिन झारखंड मुक्ति मोर्चा(झामुमो) और कांग्रेस को भाजपा के उकसावे पर क्रॉस वोटिंग का डर सता रहा है।
राज्यसभा के लिए झारखंड से दो सीटें हैं, जबकि तीन उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी और महेश पोद्दार समेत भाजपा के दो और झामुमो के बसंत सोरेन शामिल हैं। इसलिए प्रत्येक वोट का अपना मूल्य होगा।
उल्लेखनीय है कि पिछले दो राज्यसभा चुनावों में खरीद-फरोख्त के लगे आरोपों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) अभी तक कर रहा है।
इस बार राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए प्रत्याशियों को कम से कम 28 मतों की जरूरत है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और आजसू को मिलाकर 47 मत हैं। उसे दोनों सीटें जीतने के लिए छोटी पार्टियों के कुछ विधायकों का भी समर्थन जुटाना है।
दूसरी ओर झामुमो के पास 19, कांग्रेस के पास 7, झाविमो(पी) के पास दो विधायक हैं। झामुमो ने भाकपा (माले) के एक मात्र विधयक को अपने पक्ष में कर लिया है।
अगर भाजपा के दो उम्मीदवारों को जीतना है तो उसे विपक्षी खेमे में पैठ बनानी होगी।
कांग्रेस और झामुमो अपने विधायकों को एकजुट रखने और उनकी निष्ठा भंग होने से रोकने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
झामुमो ने अपने विधायकों के लिए खुले मतदान के उपयोग के विकल्प के बारे में बात की है, जबकि कांग्रेस अपने विधायकों को ह्विप जारी करने के बारे में सोच रही है। दोनों पार्टियों के नेतृत्वों का कहना है कि वे सतर्क हैं।
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