नई दिल्ली, 9 जून (आईएएनएस)। पूर्वी दिल्ली के उस्मानपुर इलाके में 19 वर्षीय युवती, उसकी मां तथा छोटी बहन की हत्या का मामला सुलझा लिया गया है। मामले में 30 वर्षीय नाकाम प्रेमी और उसके एक साथी को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने गुरुवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी ने युवती के एक अन्य युवक के साथ प्रेम संबंध के कारण बदले की भावना से इस अपराध को अंजाम दिया।
रहीसुद्दीन (30) और उसके साथी जावेद (27) को बुधवार को दिल्ली में गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने कहा कि रहीसुद्दीन और जावेद ने मेहरुन्निसा (19), उसकी मां सायरा बानो (45) और नौ वर्षीय बहन शबनम की हत्या पूर्वी दिल्ली के उस्मानपुर इलाके में स्थित उनके घर में की। दोनों आरोपियों ने तेज धार वाले चाकू से तीनों का गला रेत कर इस अपराध को अंजाम दिया।
परिवार के तीनों सदस्यों का शव पांच जून को बरामद किया गया, जब पड़ोसियों ने पुलिस को घर से अजीब सी दरुगध आने की शिकायत की।
पुलिस उपायुक्त (डीसीपी)अजीत कुमार सिंगला ने कहा, “रहीसुद्दीन ने स्वीकार किया है कि वह मेहरुन्निसा से प्यार करता था और जब उसे पड़ोस के किसी अन्य युवक के साथ उसके प्रेम संबंध के बारे में पता चला, तो वह आपे से बाहर हो गया।”
अधिकारी ने बताया, “रहीसुद्दीन, मेहरुन्निसा के पिता की मौत के बाद पिछले दो साल से उसके परिवार की आर्थिक रूप से मदद कर रहा था। वह युवती की मां के व्यवहार से भी काफी परेशान था। इसके बाद उसने अपने दोस्त जावेद के साथ मिलकर तीनों की हत्या की साजिश रची।”
पुलिस ने कहा कि इस जुर्म के परिणाम से बचने के लिए रहीसुद्दीन जमात (धर्म प्रचारकों का दल) के साथ नैनीताल चला गया। लेकिन, इससे पहले कि दिल्ली पुलिस उसे पकड़ने के लिए वहां पहुंचती, वह दिल्ली वापस आ गया।
डीसीपी ने बताया कि 100 लोगों से पूछताछ के बाद इस मामले में रहीसुद्दीन के शामिल होने के बारे में पता चला।
अधिकारी ने कहा, “अपराध स्थल से भी आरोपी के इस हत्या मामले में शामिल होने के सबूत मिले थे। रहीसुद्दीन नियमित रूप से मेहरुन्निसा के घर जाया करता था, लेकिन हत्या की घटना के बाद से ही वह शहर से नदारद था। उसने पहले सबको गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन बाद में अपना जुर्म कबूल कर लिया।”
पुलिस अधिकारी ने यह भी कहा कि रहीसुद्दीन को इससे पहले भी 2004 और 2009 में दिल्ली में जाली नोटों के मामले में गिरफ्तार किया गया था।
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