नई दिल्ली, 10 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तरफ से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चाओं के बीच पार्टी के दो पूर्व सांसदों ने बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री पर राज्य की सत्ताधारी समाजवादी पार्टी (सपा) के हित में पिछड़े समुदाय को विभाजित करने का आरोप लगाया है।
नई दिल्ली, 10 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तरफ से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चाओं के बीच पार्टी के दो पूर्व सांसदों ने बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री पर राज्य की सत्ताधारी समाजवादी पार्टी (सपा) के हित में पिछड़े समुदाय को विभाजित करने का आरोप लगाया है।
आजमगढ़ के पूर्व सांसद रमाकांत यादव ने आईएएनएस को बताया, “राजनाथ सिंह की गतिविधियां पिछड़ा समुदाय विरोधी है और उन्होंने समुदाय को बांटने की कोशिश की है। पार्टी नेतृत्व को कोई फैसला लेने से पहले इसका संज्ञान लेना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि राजनाथ सिंह की सोच पिछड़ा विरोधी है जिससे सपा को फायदा होता है।
2014 के लोकसभा चुनाव में सपा प्रमुख मुलायम यादव के खिलाफ खड़े होनेवाले रमाकांत यादव का कहना है, “जब तक पार्टी आरक्षण के अंदर आरक्षण का विचार खारिज नहीं करती, तब तक हम विरोध करते रहेंगे। उनकी सोच पार्टी के हित में नहीं है। इससे सपा को फायदा होगा।”
रमाकांत यादव आगे कहते हैं, “लोकसभा चुनावों के दौरान पिछड़ा वर्ग एकीकृत था। यही कारण है कि हमने राज्य में 71 (80 में से) सीटें हासिल की।”
दो अन्य सीटें भाजपा के सहयोगी दल अपना दल को मिली। कांग्रेस को केवल दो सीटों पर जीत मिली और सपा को पांच सीटों पर जीत मिली। बहुजन समाज पार्टी को एक भी सीट नहीं मिली।
उत्तर प्रदेश के मऊ में सामाजिक न्याय रैली को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने गुरुवार को कहा कि अगर भाजपा सत्ता में आती है तो राज्य में आरक्षण में आरक्षण लागू किया जाएगा।
राजनाथ सिंह ने कहा, “राज्य और देश सबसे ज्यादा पिछड़ी जातियों के प्रगति के बिना आगे नहीं बढ़ सकती। उनके विकास को सुनिश्चित करने के लिए अलग से आरक्षण दिए जाने की जरूरत है। अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा जातियों को मिलने वाले आरक्षण का लाभ किसी एक जाति को नहीं दिया जाना चाहिए।”
रमाकांत यादव चार बार सांसद रह चुके हैं और चार बार विधायक रह चुके हैं, उनकी इस आशंका को उनका राजनाथ सिंह के विरोध के रूप में देखा जा रहा है। उप्र में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और राजनाथ सिंह को मुख्यमंत्री उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चा है।
गुरुवार को राजनाथ सिंह ने इसे खारिज किया कि उनके कारण कोई विवाद है। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जिसे भी इस पद के लिए नामित किया जाए, उसे वे अपना ‘पूरा समर्थन’ देंगे।
इस दौरान पार्टी के एक दूसरे सांसद दरोगा प्रसाद सरोज ने राजनाथ के आरक्षण के अंदर आरक्षण विचार की आलोचना की।
सरोज ने आईएएनएस को बताया, “अगर आरक्षण के अंदर आरक्षण दिया जाता है तो देश बंट जाएगा। देश इसके बाद आगे नहीं बढ़ पाएगा। अगर पार्टी ऐसा चाहती है तो मुझे कोई आपत्ति नहीं है और मैं पार्टी के फैसले का पालन करने के लिए तैयार हूं।”
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