नई दिल्ली, 10 जून (आईएएनएस)। देश के औद्योगिक उत्पादन में अप्रैल 2016 में 0.8 फीसदी गिरावट दर्ज की गई, जिसमें एक महीने पहले 0.30 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई थी और एक साल पहले समान अवधि में तीन फीसदी वृद्धि दर्ज की गई थी।
केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा शुक्रवार को जारी औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के आंकड़ों के मुताबिक, विनिर्माण क्षेत्र में 3.1 फीसदी गिरावट का कुल औद्योगिक उत्पादन गिरावट में प्रमुख योगदान रहा। विनिर्माण क्षेत्र आईआईपी का सबसे बड़ा घटक है।
अन्य दो महत्वपूर्ण उपसूचकांकों में बिजली क्षेत्र का उत्पादन 14.6 फीसदी बढ़ा, जबकि खनन उत्पादन 1.4 फीसदी बढ़ा।
गत छह महीनों में सूचकांक में चार मर्तबा गिरावट दर्ज की गई है, जबकि फरवरी और मार्च में क्रमश: दो फीसदी और 0.3 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई। औद्योगिक उत्पादन में बड़ी वृद्धि अक्टूबर 2015 में 9.87 फीसदी दर्ज की गई थी।
उल्लेखनीय है कि वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़े के मुताबिक, आठ प्रमुख उद्योगों का उत्पादन अप्रैल में 8.5 फीसदी बढ़ा। इन आठ उद्योगों का आईआईपी में 38 फीसदी योगदान होता है।
ताजा आंकड़े के मुताबिक, आलोच्य अवधि में पूंजीगत वस्तु का उत्पादन 24.9 फीसदी कम रहा। उपभोक्ता वस्तु का उत्पादन 1.2 फीसदी घटा और उपभोक्ता गैर-टिकाऊ वस्तु का उत्पादन 9.7 फीसदी घटा।
दूसरी ओर उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु का उत्पादन 11.8 फीसदी बढ़ा। मध्यवर्ती वस्तुओं का उत्पादन 3.7 फीसदी और बुनियादी वस्तुओं का उत्पादन 4.8 फीसदी बढ़ा।
बयान में कहा गया है, “उद्योगों के संदर्भ में विनिर्माण क्षेत्र के 22 उद्योगों में से नौ में उत्पादन साल-दर-साल आधार पर घट गया।”
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