भोपाल, 10 जून (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए शनिवार को होने जा रहे मतदान से पहले विधायकों और नेताओं के मेल-मुलाकात तथा भोज का दौर जारी है। किसी भी तरह के संभावित नुकसान से बचने के लिए भाजपा, कांग्रेस और बसपा की ओर से विधायकों के लिए व्हिप जारी किए जा चुके हैं।
राज्यसभा की तीन सीटों के लिए मुकाबला चार उम्मीदवारों के बीच है। भाजपा के दो अधिकृत उम्मीदवारों -अनिल माधव दवे व एम. जे. अकबर- की जीत तय है, जबकि भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार विनोद गोटिया तथा कांग्रेस उम्मीदवार विवेक तन्खा के बीच मुकाबला है।
राज्य से राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के लिए प्रत्येक सदस्य को 58 विधायकों का समर्थन आवश्यक है। राज्य विधानसभा में कुल 230 विधायक है, इनमें से भाजपा के 164 विधायक (विधानसभाध्यक्ष सहित) ही वोट कर सकेंगे, क्योंकि एक विधायक की सड़क हादसे में मौत हो गई है, वहीं एक विधायक को सर्वोच्च न्यायालय ने मतदान में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं दी है।
वोटों के गणित के हिसाब से भाजपा को दो सीटों के लिए आवश्यक वोटों के बाद 48 वोट शेष रह जाते हैं, और तीसरी सीट जीतने के लिए 10 विधायकों के समर्थन की जरूरत है। दो निर्दलीय विधायकों का समर्थन मिलने के बाद भी उसे आठ विधायक और चाहिए।
जबकि कांग्रेस के पास 57 विधायक हैं और उसे एक वोट की जरूरत है। कांग्रेस के सभी विधायक मतदान में हिस्सा ले सकेंगे, वहीं बसपा ने अपने चार विधायकों का समर्थन तन्खा को दे दिया है, इस गणित के हिसाब से तन्खा की जीत तय है।
भाजपा की ओर से व्हिप जारी कर विधायकों को यह भी बताया गया है कि किस विधायक को किस उम्मीदवार के समर्थन में मतदान करना है। वहीं बसपा और कांग्रेस भी अपने विधायकों को व्हिप जारी कर चुकी है।
भाजपा ने गुरुवार को विधायक दल की बैठक के साथ ही मुख्यमंत्री आवास पर रात्रि भोज का आयोजन किया था, मगर विधायक राजेंद्र दादु की सड़क हादसे में मौत होने पर इसे निरस्त कर दिया गया।
कांग्रेस ने शुक्रवार दोपहर एक स्थानीय होटल में भोज का आयोजन किया, जिसमें पार्टी पर्यवेक्षक पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे, कमलनाथ, मोहन प्रकाश, प्रदेशाध्यक्ष अरुण यादव मौजूद थे। इस भोज में बसपा विधायक भी पहुंचे। वहीं कमलनाथ ने रात्रि का भोज दिया है।
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