श्रीनगर, 13 जून (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को कहा कि पर्यटकों को बचाने की कोशिश में गत सप्ताह जान गंवाने वाले नाविक गुलाम मोहम्मद गुरू कश्मीरियत के रूप में मशहूर प्रदेश की उदार संस्कृति के असली प्रतीक और हीरो हैं।
महबूबा मुफ्ती ने गुलाम मोहम्मद गुरू (55) के घर जाकर उनके परिजनों से मुलाकात की।
गत 8 जून को गुरू झेलम नदी में एक पर्यटक परिवार को नाव में बैठा कर ले जा रहे थे। नाव एक खंभे से टकरा कर नदी में डूब गई।
गुरू ने पर्यटक परिवार को तो बचा लिया, लेकिन खुद नदी की तेज धारा में बह गए और उनकी मौत हो गई।
गुरू का शव शहर के चटबल इलाके के निकट झेलम नदी से सोमवार को मिला।
महबूबा ने कहा कि टीवी चैनल इस तरह की घटनाओं पर ध्यान नहीं देते हैं क्योंकि वे कश्मीर की काली तस्वीर पेश करने पर तुले हुए हैं।
उन्होंने कहा कि गुलाम मोहम्मद का भी एक परिवार है। पत्नी और दो बच्चों समेत उनका भी एक परिवार है।
महबूबा ने कहा, “मैंने शोक संतप्त परिवार को राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। वह हमारे असली हीरो हैं और हम उनके परिवार के प्रति हमारा कत्र्तव्य निभाने में विफल नहीं होंगे।”
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