कश्मीर में महाकुंभ मनाने के लिए 12,000 हिंदू जुटे

श्रीनगर, 14 जून (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर में लगभग 12,000 हिंदू ‘महाकुंभ’ के लिए मंगलवार को गांदेरबल जिले में झेलम नदी तथा सिंध धारा के संगम पर जुटे हैं। श्रद्धालुओं में अधिकांश कश्मीरी पंडित हैं।

महाकुंभ में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली से जम्मू एवं कश्मीर पहुंचे आशुतोष भटनागर (44) ने कहा, “पिछली बार इस तरह का संयोग सन् 1941 में बना था, जिसके 75 साल और 10 दिन बाद फिर वही संयोग बना है।” भटनागर कश्मीरी पंडित नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि गांदेरबल जिले के सैदीपोरा गांव में संगम स्थानीय पंडित समुदाय के लोगों के लिए बेहद पवित्र माना जाता रहा है, जिसमें वे मृतकों की अस्थियों का विसर्जन करते हैं।

भटनागर ने कहा, “महाकुंभ ऐसा समारोह है, जिसे श्रद्धालु गंवाना नहीं चाहते और यही कारण है कि इस पवित्र समारोह का हिस्सा होने के लिए हम यहां भारी संख्या में जुटे हैं।”

इस साल के महाकुंभ की घोषणा ओंकारनाथ शास्त्री ने की है, जो एक ज्योतिषी हैं और उनका परिवार 1990 के दशक की शुरुआत में कश्मीरी पंडितों के कश्मीर छोड़ने से पहले कश्मीरियों के लिए पांचांग प्रकाशित करने के लिए जाना जाता है।

संगम के संयोजक भरत रैना ने कहा, “कुंभ प्रत्येक 12 साल पर और अर्धकुंभ प्रत्येक छह साल पर होता है।”

रैना ने कहा कि 12 घंटे लंबा हवन सोमवार को संगम में शुरू हुआ, जो मंगलवार तक चलेगा।

उन्होंने कहा, “इस मौके पर श्रद्धालु संगम में पवित्र डुबकी लगाते हैं और एक विशेष स्थान तक जाते हैं, जहां काफी लंबे समय से चिनार का एक वृक्ष मौजूद है।”

रैना ने कहा, “संगम का यह हिस्सा इस पवित्र स्थल का गर्भ गृह है। श्रद्धालु द्वीप पर मौजूद शिवलिंग पर जल चढ़ाते हैं। हवन के बाद श्रद्धालु प्रसाद लेते हैं और अपने आसपास के लोगों में उसे वितरित कर बाकी घर ले जाते हैं।”

ऐसा पहली बार है, जब घाटी से कश्मीरी पंडितों के पलायन के बाद इतनी अधिक संख्या में वे इस समारोह में हिस्सा लेने आए हैं।

इससे पहले, साल 2011 में 35,000 हिंदू संगम में पुष्कर मनाने के लिए इकट्ठा हुए थे। हालांकि इनमें से अधिकांश लोग दक्षिण भारतीय थे।

अधिकारियों ने श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं, जो मंगलवार शाम से घाटी से निकलना शुरू करेंगे।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493