उन्होंने ऐसा संस्कृति विभाग द्वारा 13 जून 2016 को संस्कृति निदेशक को भेजे गए एक शासनादेश के अधार पर कहा है, जिसमें आईपीएस अमिताभ ठाकुर द्वारा यश भारती पुरस्कारों के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में दायर याचिका में सरकार का पक्ष रखने के लिए विशेष अधिवक्ता के रूप में नियुक्त जयदीप नारायण माथुर को सलाह देने के एवज में 55,000 और एक दिन की पेशी के लिए 1.5 लाख रुपये सहित कुल 2,27,500 रुपये स्वीकृत करने की बात कही है।
नूतन ने कहा कि पहले तो अखिलेश सरकार ने पक्षपात करते हुए गलत लोगों को यश भारती पुरस्कार दिए और जब यह बात कोर्ट के सामने लाई गई तो सरकारी वकीलों के होते बाहर से इतना महंगा वकील लाकर अपने गुनाह को छिपाने का प्रयास किया।
हालांकि माथुर की उपस्थिति के बाद भी हाईकोर्ट ने इन पुरस्कारों पर गंभीर आपत्ति प्रकट करते हुए जवाब मांगा है।
dharmpath.com dharmpath