सतना, 21 जून (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश के सतना जिले में एक विधवा ने अपने बेटे का 50 हजार रुपये में सौदा किया था, यह राज पांच साल बाद तब खुला, जब बच्चा खरीदारों के चंगुल से भाग निकला। पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं दो आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सिंहपुर थाना क्षेत्र मुड़हा गांव का निवासी नारायण बर्मन अपनी पत्नी लक्ष्मी तथा बेटे शिवम के साथ सतना के टिकुरिया टोला मुहल्ला में रहकर मजदूरी किया करता था, तभी वर्ष 2011 में नारायण की बीमारी के चलते मौत हो गई।
इन स्थितियों में लक्ष्मी के लिए बेटे को पालना मुश्किल हो गया, इस पर मैहर निवासी एक परिवार की सलाह पर उसने बेटे को उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर निवासी जहांगीर अली और गुड्डू अली को 50 हजार में बेच दिया।
पुलिस के अनुसार, शिवम बीते पांच साल से मिर्जापुर में जहांगीर के परिवार में ही रह रहा था, 10 जून को जब जहांगीर का परिवार काम में व्यस्त था तभी वह घर से भागकर भटकते हुए बाल कल्याण समिति मिर्जापुर के सदस्यों के पास पहुंच गया। वहां की समिति ने शिवम को सतना की पुलिस के हवाले कर दिया। सतना जिले की पुलिस ने 18 जून को शिवम की मां को भी खोज लिया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामेश्वर यादव ने मंगलवार को संवाददाताओं को बताया है कि शिवम की मां को गिरफ्तार कर लिया है, वहीं दो अन्य आरोपी जो मिर्जापुर निवासी हैं, उनकी तलाश जारी है। बच्चे को उसके दादा के सुपुर्द कर दिया गया है।
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