अगरतला, 21 जून (आईएएनएस)। त्रिपुरा में अलग राज्य की मांग लेकर एक जनजातीय संगठन के बुधवार को रेल और सड़क मार्ग बंद के आह्वान के बाद राज्य की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
इंडिजनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) पिछले कुछ वर्षो से अलग राज्य बनाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहा है। उसने पश्चिमी त्रिपुरा के बारामुरा पहाड़ी क्षेत्र में रेल और सड़क मार्ग बंद का आह्वान किया है।
पुलिस महानिरीक्षक (विधि-व्यवस्था) अनुराग ने आईएएनएस को बताया, “हमने जहां-जहां रेल और सड़क मार्ग रोका जा सकता है, उन जगहों और उनके आस पास सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था कर ली है।”
उन्होंने कहा कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी स्थिति पर नजर रखेंगे। जरूरत के अनुसार कदम उठाए जाएंगे।
आईपीएफटी त्रिपुरा ट्राइबल एरिया ऑटोनोमस डिस्ट्रीक्ट काउंसिल (टीटीएएडीसी) का उन्नयन कर इसे अलग राज्य बनवाना चाहता है।
आईपीएफटी के अध्यक्ष नरेंद्र चंद्र देबबर्मा ने राज्य की वाम मोर्चा सरकार पर टीटीएएडीसी को ऐसा दिवालिया संस्थान बना देने का आरोप लगाया जिसके पास वास्तव में कोई अधिकार नहीं है।
देबबर्मा ने आईएएनएस से कहा कि जनता की बुनियादी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। जनजातीय लोग अपनी जमीन से हाथ धोते रहे।
उन्होंने कहा कि कभी त्रिपुरा में जनजातीय लोग बहुसंख्यक थे, लेकिन आज स्थिति संकटपूर्ण है।
टीटीएएडीसी जनजातीय लोगों के सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके दायरे में त्रिपुरा के 10 हजार 491.69 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का दो-तिहाई भू-भाग आता है।
टीटीएएडीसी क्षेत्र में 12.16 लाख लोग रहते हैं जिनमें 90 फीसदी से अधिक जनजातीय हैं।
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