उन्होंने कहा कि जो भी फैसला होगा वह पार्टी में सब की सहमति से होगा। यह पार्टी के अंदर की बात है। पार्टी इस बारे में फैसला करेगी। पार्टी के फैसले को सब लोग मानेंगे।
उन्होंने गुरुवार को कैबिनेट की बैठक के बाद एक सवाल के जवाब में कहा कि उन्हें इस मामले में कोई नाराजगी नहीं है। उन्होंने कहा कि ये सपा का अंदरूनी मामला है और पार्टी का जो भी फैसला होगा उसे सभी मानेंगे।
वहीं स्वामी प्रसाद मौर्य के बसपा छोड़ने पर मुख्यमंत्री ने कहा, “उनसे हमारे अच्छे संबंध हैं। हम तो पहले ही कह चुके हैं कि स्वामी अच्छे आदमी हैं और गलत पार्टी में थे। मौर्य मजबूत जनाधार वाले नेता हैं।”
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