कोझिकोड/बेंगलुरू, 25 जून (आईएएनएस)। कर्नाटक पुलिस ने नर्सिग की तीन छात्राओं को अपनी जूनियर अस्वथी के. पी. के साथ रैगिंग और उसे कीटनाशक पीने को मजबूर करने के आरोप में गिरफ्तार किया। इस घटना के बाद पीड़िता गंभीर रूप से बीमार हो गई। उसकी हालत अब भी नाजुक है।
लक्ष्मी, अथिरा और कृष्णप्रिया को शुक्रवार शाम गिरफ्तार किया। कर्नाटक के गुलबर्गा के जिला मजिस्ट्रेट ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
पीड़िता के साथ-साथ आरोपी छात्राएं भी केरल की रहने वाली हैं, जो कर्नाटक के गुलबर्गा स्थित अल कमर कॉलेज ऑफ नर्सिग की छात्रा हैं।
इस मामले में कर्नाटक पुलिस एक अन्य आरोपी शिल्पा जोसे को तलाश रही है, जो फरार है।
अस्वथी एक 19 वर्षीया दलित लड़की है, जिसे नौ मई को उसकी सीनियरों द्वारा होस्टल के कमरे में बाथरूम साफ करने में प्रयुक्त होने वाला कीटनाशक पीने के लिए मजबूर किया। इसके कारण उसके आंतरिक अंगों पर गंभीर जख्म पड़ा।
पीड़िता की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसका इलाज केरल के कोझिकोड जिले के एक अस्पताल में चल रहा है। उसे यहां दो जून को भर्ती किया गया था।
इस मामले में कोझिकोड में 22 जून को एक प्राथमिकी (एफआईआर) भी दर्ज की गई। इसके बाद जिला पुलिस ने इस एफआईआर पर कार्रवाई के लिए कर्नाटक पुलिस की मदद की मांगी।
कर्नाटक पुलिस अधिकारियों की नौ सदस्यीय टीम अभी पीड़िता का बयान लेने के लिए कोझिकोड में है।
उन्होंने इस मामले में फरार आरोपी शिल्पा को पकड़ने के लिए केरल पुलिस की भी मदद मांगी है। ऐसा माना जा रहा है कि चौथी आरोपी केरल में ही है।
अस्वाथी की मां ने कहा, “जिस प्रकार मुझे पीड़ा हो रही है, उस पीड़ा से कोई भी मां नहीं गुजरी होगी।”
केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता रामेश चेन्निथाला शनिवार को पीड़िता का हालचाल पूछने अस्पताल पहुंचे और उन्होंने उसके इलाज के संदर्भ में चिकित्सकों से भी बात की।
चेन्निथाला ने संवाददाताओं को बताया, “मैंने केरल और कर्नाटक के मुख्यमंत्रियों से बात की है और इस मामले की जांच में तेजी लाने और आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की।”
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