लखनऊ, 25 जून (आईएएनएस)। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से बगावत कर उप्र की सियासत में उबाल लाने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य ने एक बार फिर बसपा प्रमुख मायावती पर पलटवार करते हुए शनिवार को कहा कि असली गद्दार की उपाधि मायावती को ही मिलनी चाहिए, क्योंकि कांशीराम व बसपा के कार्यकर्ताओं के साथ गद्दारी उन्होंने की है।
लखनऊ में गोमतीनगर स्थित अपने आवास पर दूसरी बार पत्रकारों से रूबरू हुए मौर्य ने कहा, “मायावती को राजनीति करना अब मैं सिखाऊंगा।”
उन्होंने कहा, “मायावती उन्हें गद्दार कह रही हैं, लेकिन असल में वे ही इस उपाधि की हकदार हैं। उनकी भाषा और संस्कृति अच्छी होती तो पार्टी की यह हालत नहीं होती। माया ने बसपा, कांशीराम और कार्यकर्ताओं से गद्दारी की है। पहले खुद को देखें और इन सवालों के जवाब भी खुद ही ढूंढ़ें।”
उन्होंने कहा, “यह पहला मौका है, जब किसी ने उन्हें अपनी राजनीति से बर्खास्त किया है। इसके पहले वे खुद ही दूसरों को बर्खास्त करती थीं। जिस विधायक या कार्यकर्ता को बर्खास्त किया, उसकी राजनीति खत्म हो गई। अब मायावती की राजनीति खत्म होगी।”
रोमी साहनी को पार्टी में वापस लेने के मायावती के निर्णय पर कटाक्ष करते हुए मौर्य ने कहा, “जिन नेताओं को माया ने बर्खास्त किया था, उन्हें वापस ले रही हैं। उन्होंने अब घुटने टेक दिया है। मानसिक दिवालियेपन की शिकार हो गई हैं। मेरी ही ताकत है कि अब मायावती बर्खास्त नेताओं को गिड़गिड़ाकर वापस ले रही हैं।”
उन्होंने कहा, “लोग मुझे बधाई दे रहे हैं। यह माया की पराजय व मेरी विजय है। मेरी राजनीति ने उन्हें बैकफुट पर ला दिया है। विधायकों को गूंगा-बहरा बनाकर आर्थिक दोहन करने वाली मायावती को अब मैं राजनीति सिखाऊंगा। उन्हें टिकट के पैसे वापस करने पड़ेंगे।”
मौर्य ने कहा, “अभी तो यह ट्रेलर है। बसपा की बैठक में जाने वाले विधायकों में मेरे भी सहयोगी रहे। बावजूद इसके, संख्या पचास तक पहुंच पाई। मेरी रणनीति के तहत पहुंचे विधायकों की गिनती भी हो रही है, लेकिन समय बताएगा कि उनके पास कितने विधायक हैं।”
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