नई दिल्ली, 27 जून (आईएएनएस)। भारत सोमवार को मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था (एमटीसीआर) का पूर्ण सदस्य बन गया। देश को यह उपलब्धि चीन के विरोध के कारण परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) की सदस्यता नहीं मिलने के तीन दिन बाद हासिल हुई है।
एमटीसीआर का सदस्य बनने के बाद अब भारत को अत्याधुनिक मिसाइल प्रौद्योगिकी मिल सकेगी, साथ ही अब इसे हथियारों के निर्यात का लाइसेंस मिल गया है।
विदेश मंत्रालय ने सोमवार को जारी बयान में कहा, “भारत एमटीसीआर में शामिल हो गया है।”
विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है, “भारत मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण रिजीम (एमटीसीआर) में शामिल हो गया। पेरिस में एमटीसीआर के प्वाइंट ऑफ कॉन्टैक्ट ने नई दिल्ली स्थित फ्रांस के दूतावास के साथ-साथ नीदरलैंड और लक्जमबर्ग के दूतावासों के जरिए भारत को इसमें शामिल करने की जानकारी दी है।”
एमटीसीआर में भारत की सदस्यता से इसे एक वैधानिक परमाणु शक्ति संपन्न देश की पहचान मिली है।
भारत ने 2008 में एमटीसीआर की सदस्यता के लिए आवेदन किया था।
भारत एमटीसीआर का 35वां सदस्य बन गया है, जबकि चीन को अब भी इसका सदस्य बनने का इंतजार है।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, “भारत एमटीसीआर की सदस्यता लिए इसके अन्य 34 देशों का शुक्रगुजार है।”
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