सिन्हा ने कहा कि मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन को तेजी से विकसित किया जा रहा है, ताकि यहां से ज्यादा से ज्यादा गाड़ियों का संचलन हो सके। मंडुवाडीह एवं वाराणसी सिटी स्टेशन को टर्मिनल स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके तहत यात्रियों के लिए उच्च श्रेणी प्रतीक्षालय का निर्माण कर इसे खोला जा रहा है।
स्टेशन पर मुख्य प्रवेशद्वार के निकट अतिरिक्त प्रवेशद्वार का निर्माण किया गया है, इससे यात्री अपना वाहन सीधे प्लेटफार्म तक ला सकते हैं।
सिन्हा ने कहा कि स्टेशन पर 10 करोड़ की लागत से उन्नत यात्री सुख-सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसके लिए मंडुवाडीह स्टेशन पर द्वितीय प्रवेशद्वार सहित यात्री सुविधाओं के विस्तार के लिए अनेक परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है, जिन पर तेजी से कार्य चल रहा है।
रेल राज्यमंत्री ने कहा कि भारतीय रेलों पर आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए छपरा-इलाहाबाद वाया मंडुवाडीह खंड के दोहरीकरण को स्वीकृति दी जा चुकी है। साथ ही इस 330 किलोमीटर लंबे रेल खंड के विद्युतीकरण परियोजना को स्वीकृत किया गया है।
उन्होंने कहा कि छपरा-इलाहाबाद खंड के दोहरीकरण कार्य को भी चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। इस वर्ष औड़िहार-भटनी, फेफना-इंदारा, मऊ-शाहगंज, औड़िहार-जौनपुर खंड के दोहरीकरण, इंदारा-दोहरीघाट आमान परिवर्तन एवं दोहरीघाट-सहजनवा रेल खंड के निर्माण को स्वीकृति दी गई है।
सिन्हा के मुताबिक, गोरखपुर-वाल्मीकिनगर, औड़िहार-जौनपुर, भटनी-औड़िहार, बलिया-मऊ-शाहगंज खंड के विद्युतीकरण को मंजूरी देकर आवश्यक धनराशि का प्रावधान किया गया है। आने वाले समय के साथ इन परियोजनाओं के शीघ्र पूरा होते ही इस पूरे क्षेत्र के विकास को तीव्र गति मिलेगी।
रेल राज्यमंत्री ने कहा कि भारतीय रेल में इस वर्ष सवा लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। इससे रेलवे की सेवाओं में काफी सुधार होगा।
उन्होंने कहा कि सन् 2020 तक सभी व्यक्तियों को मांग के आधार पर गाड़ियों में कन्फर्म बर्थ आरक्षण की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी तथा मालगाड़ियों का संचलन समय सारिणी के अनुसार किया जाएगा।
रेल राज्यमंत्री ने मंडुवाडीह-वाराणसी-वाराणसी सिटी रेल खंड पर चल रहे दोहरीकरण के कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश भी दिया।
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