ऐसे तालाब और जलस्रोत, जिनके संबंध नदी-नालों से नहीं है उन पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। मछली पालन संचालनालय द्वारा इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई है।
अधिसूचना में कहा गया है कि इन तालाबों और जलस्रोतों में मछली पकड़ने पर प्रतिबंध लगाते हुए 16 जून से 15 अगस्त तक की अवधि को बंद ऋतु घोषित किया गया है।
संचालनालय द्वारा इस आशय का परिपत्र 10 जून को ही जारी कर दिया गया था। यह परिपत्र मछली पालन विभाग के सभी संयुक्त संचालकों, उप संचालकों, सहायक संचालकों, उप संचालकों मछलीपालन (प्रशिक्षण) तथा सहायक अनुसंधान अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए भेजा गया है।
परिपत्र के अनुसार, प्रदेश के ऐसे जलाशयों जहां केज कल्चर से मछली पालन किया जा रहा है, वहां यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा।
अधिसूचना के माध्यम से सर्व साधारण को सूचित किया गया है कि छत्तीसगढ़ नदीय मत्स्योद्योग अधिनियम -1972 की धारा तीन, उपधारा-2 के तहत बंद ऋतु घोषित किया गया है।
बंद ऋतु के दौरान प्रतिबंध का उल्लंघन करने पर छत्तीसगढ़ राज्य मत्स्य क्षेत्र (संशोधित) अधिनियम के नियम -3 (5) के अंतर्गत अपराध सिद्ध होने पर एक वर्ष का कारावास अथवा पांच हजार रुपये का जुर्माना या दोनों एक साथ होने का प्रावधान है।
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