नई दिल्ली, 8 जुलाई (आईएएनएस)। आम आदमी पार्टी (आप) की छात्र इकाई, छात्र युवा संघर्ष समिति (सीवाईएसएस) ने शुक्रवार को दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव का बहिष्कार करते हुए कहा कि उनके ज्यादातर छात्र समर्थक बुद्धिजीवी हैं और वे आरएसएस की छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के ‘गुंडों’ से नहीं लड़ सकेंगे।
सीवाईएसएस के उपाध्यक्ष अनमोल पंवार ने कहा, “हमारे अधिकांश समर्थक बुद्धिजीवी विद्यार्थी हैं। वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के गुंडों से नहीं लड़ सकते हैं, जो डूसू चुनाव के दौरान 250-300 कारों के काफिले के साथ लाठी-डंडों से लैस होकर परिसर में प्रवेश करते हैं। इसलिए हमने डूसू(दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ) चुनाव का बहिष्कार करने का फैसला किया है।”
उन्होंने कहा, “इसके अलावा, विश्वविद्यालय प्रशासन को चुनावी आचार संहिता के उल्लंघन की परवाह नहीं है। वे चाहते हैं कि किसी तरह चुनाव संपन्न हो जाए।”
सीवाईएसएस ने पिछले वर्ष डुसू चुनाव लड़ा था, लेकिन उसे किसी भी सीट पर जीत हासिल नहीं हो पाई थी।
पंवार ने कहा कि मौजूदा समय में जारी प्रवेश प्रक्रिया के दौरान सीवाईएसएस समर्थकों पर कथित हमलों के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से विचार-विमर्श किया गया और उसके बाद चुनाव का बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया।
उन्होंने कहा, “पिछले तीन-चार दिनों में एबीवीपी के लोगों ने हमारे उन कार्यकर्ताओं पर विभिन्न कॉलेजों में हमले किए, जो प्रवेश प्रक्रिया में मदद कर रहे थे। इस दौरान कॉलेज के सुरक्षा अधिकारी मूकदर्शक मने रहे।”
पंवार ने कहा, “इसलिए हमने पार्टी नेतृत्व से परामर्श किया और उन्होंने सलाह दी कि जब तक चुनाव पर नजर रखने का कोई तंत्र विकसित नहीं हो जाता, तब तक हम चुनाव नहीं लड़ेंगे।”
एबीवीपी के मीडिया समन्वयक साकेत बहुगुणा ने कहा कि सीवाईएसएस प्रचार पाना चाहता है और वे चुनाव बहिष्कार के निर्णय पर पलट जाएंगे।
बहुगुणा ने कहा, “वे प्रचार पाने के लिए यह घोषणा कर रहे हैं। मुझे यकीन है कि वे अपने इस फैसले पर यू-टर्न लेंगे और इस साल डूसू चुनाव में हिस्सा लेंगे।”
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