श्रीनगर, 9 जुलाई (आईएएनएस)। दक्षिण कश्मीर के त्राल में शनिवार को हिजबुल कमांडर बुरहान वानी को अंतिम विदाई देने 20,000 से अधिक लोग उमड़ पड़े।
पुलवामा जिले के विभिन्न हिस्सों के लोग वानी के अंतिम संस्कार में हिस्सा लेने के लिए शरीफाबाद (त्राल) में इकट्ठा हुए। वानी और उसके दो सहयोगियों को शुक्रवार को अनंतनाग जिले के बामडोरा (कोकरनाग) गांव में सुरक्षबलों के साथ मुठभेड़ में मार गिराया गया था।
युवाओं ने वानी के रास्ते पर चलने का संकल्प लिया और इस्लाम और आजादी के समर्थन में नारेबाजी की।
प्रशासन ने किसी भी तरह का संघर्ष टालने के लिए अंतिम संस्कार स्थल के चारों ओर तैनात सभी सुरक्षाबलों को हटाकर अंतिम संस्कार की इजाजत दे दी।
प्रशासन ने पूरे पुलवामा जिले में कर्फ्यू लगा दिया था, लेकिन लोग कर्फ्यू के बावजूद वानी के जनाजे में हिस्सा लेने पहुंचे।
कश्मीर में वानी की मौत के मद्देनजर किसी भी तरह की अफवाह की आशंका को देखते हुए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं स्थगित कर दी गई हैं।
प्रशासन ने दक्षिण कश्मीर के पुलवामा, अनंतनाग, शोपियां और कुलगाम जिलों में भी मोबाइल फोन सेवाएं बंद कर दी।
श्रीनगर में सात पुलिस थानों के तहत आने वाले क्षेत्रों में भी निषेधाज्ञा लागू है। इनमें नौहट्टा, खानयार, रैनावाड़ी, एम.आर.गुंज, सफाकदाल, मैसूमा, क्रालखुद शामिल हैं। सभी स्कूलों में निर्धारित बोर्ड परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गई हैं।
कश्मीर के बारामूला से जम्मू के बनिहाल के बीच रेल सेवा भी रोक दी गई है।
सुरक्षाबलों ने शुक्रवार को वानी और उसके दो सहयोगियों को मुठभेड़ में मार गिराया। कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के मद्देनजर शुक्रवार को शवों को दफनाने की प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकी।
सैयद अली गिलानी, मीरवाइज उमर फारुख और महिला अलगाववादी संगठन की प्रमुख आसिया अंद्राबी सहित अलगाववादियों ने वानी की हत्या के विरोध में घाटी में बंद का आह्वान किया है।
dharmpath.com dharmpath