पुलिस ने बताया कि इस लूट के पीछे ट्रेडिंग कंपनी के पूर्व मुनीम का हाथ था। पूर्व मुनीम ने ही रेकी कर अपने तीन साथियांे के साथ लूट की घटना को अंजाम दिया था।
क्राइम ब्रांच और पुलिस टीम ने एक नर्सिग होम में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज के आधार पर गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए लुटेरों के पास से लूट के पांच लाख रुपये, घटना में प्रयुक्त दो बाइक और एक पिस्टल बरामद हुई है।
नाका थानाक्षेत्र के मोतीनगर निवासी दीपक अग्रवाल की दीपक ट्रेडिंग कंपनी है। इसके मुनीम फैजुल्लागंज निवासी रजनीश पाण्डेय शुक्रवार दोपहर को पांच लाख रुपये लेकर बाइक से ऐशबाग स्थित बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में जमा करने जा रहे थे। रास्ते में राजेंद्र नगर अस्पताल के पास बाइक सवार दो युवकों ने उनके टक्कर मारते हुए लड़ाई शुरू कर दी।
इसी बीच दूसरी बाइक से आए दो लुटेरों ने रजनीश की बाइक की चाभी निकालकर उसकी डिग्गी में रखे पपांच लाख रुपये निकाल लिए थे और फरार हो गए थे। घटना की सूचना के बाद से ही ने जांच शुरू कर दी थी और दुकान के कर्मचारियों से पूछताछ व सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चार लुटेरों को गिरफ्तार कर लिया गया।
एसएसपी मंजिल सैनी ने बताया कि वारदात से पहले ट्रेडिंग कंपनी के पूर्व मुनीम शुभम ने रेकी की थी। शुभम के दोस्त प्रदीप, धनंजय और शैलेंद्र पहले से ही मुनीम के बैंक जाने का इंतजार कर रहे थे। मुनीम रुपये लेकर जैसे ही गया, बदमाशों ने उसका पीछा किया और सन्नाटा पाकर वारदात को अंजाम दे डाला।
थाना प्रभारी धीरेंद्र यादव ने बताया कि चारों अरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। लुटेरों के पास से लूट के पांच लाख रुपये, घटना में प्रयुक्त दो बाइक और एक कंट्रीमेड पिस्टल भी बरामद की है।
उन्होंने बताया कि इससे पहले भी इसी कंपनी के नौ लाख रुपये लूटे गए थे। इसमें भी कंपनी के पूर्व कर्मचारी ही पकड़े गए थे।
आईजी (जोन) ए. सतीश गणेशन ने लूट की इस वारदात का जल्द खुलासा करने के लिए नाका पुलिस की टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
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