तिरुवनंतपुरम, 10 जुलाई (आईएएनएस)। केरल के कासरगोडे जिले से लापता 17 लोगों के इस्लामिक स्टेट (आईएस) में शामिल होने का अंदेशा है। एक पुलिस अधिकारी ने रविवार को कहा कि ऐसी खबरें मिली हैं, जांच की जा रही है।
उन्होंने बताया कि इस तरह की खबरों की सत्यता प्रमाणित करने में कई केंद्रीय एजेंसियां भी जुटी हुई हैं।
लापता लोगों में 10 पुरुष और 7 महिलाएं शामिल हैं, जिनमें अधिकांश केरल की उत्तरी छोर पर स्थित कासरगोडे जिले के हैं।
बताया जा रहा है कि केंद्रीय एजेंसियों के अधिकारी कासरगोडे में लापता लोगों के परिवारों के संपर्क में हैं।
कासरगोडे जिले के पुलिस प्रमुख थॉमसन जोस ने आईएएनएस से कहा कि उन्होंने दो मामले दर्ज किए हैं।
जोस ने कहा, “हमें बताया गया है कि कासरगोडे से 17 लोग लापता हैं। हमें यह भी जानकारी मिली है कि केंद्रीय एजेंसियों के अधिकारियों भी यहां मौजूद हैं। आने वाले दिनों में हम अब और मामले दर्ज करेंगे।”
इस बीच केरल के पूर्व गृहमंत्री और कांग्रेस के नेता रमेश चेन्निथला ने रविवार को कहा कि सभी लापता लोगों के आईएस के साथ संबंध नहीं हो सकते।
उन्होंने कहा, “वे लापता हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वे सभी आईएस में शामिल हो गए हैं।”
प्रकाशित खबरों के अनुसार, प्रतीत होता है कि अधिकांश लापता लोगों के संबंध पेशे से इंजीनियर 35 वर्षीय अब्दुल राशिद से था, जो मई से ही गायब है।
दूसरा लापता व्यक्ति इजाज अहमद पेशे से डॉक्टर है। उसने चीन से डिग्री हासिल की थी और हाल तक कोझिकोड के निकट एक अस्पताल में काम कर रहा था।
राज्य के मुख्यमंत्री पी. विजयन ने कहा कि महिलाओं समेत लोगों का गायब होना गंभीर मामला है और पुलिस अपना काम कर रही है।
एक लापता युवती निमिषा की मां एम.के.बिंदु ने यहां मुख्यमंत्री कार्यालय में विजयन से रविवार को मुलाकात की और अपनी बेटी का पता लगाने में उनसे मदद मांगी।
निमिषा कासरगोडे के एक कॉलेज में पढ़ रही थी। उसका एक युवक ईजा से घनिष्ठ संबंध था, दोनों लापता हैं।
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