लखनऊ, 11 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने अभी से पार्टी के अंदर फेरबदल करने शुरू कर दिए हैं। पार्टी के कद्दावर नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी से लखनऊ व कानपुर की जिम्मेदारी वापस लेकर अशोक सिद्धार्थ को दे दी गई है।
बसपा की ओर से जारी एक बयान में यह जानकारी दी गई है। बसपा ने नसीमुद्दीन को कोई ठोस जिम्मेदारी न देकर पिछड़ों को जोड़ने के लिए तैयार नए प्लान में आरएस कुशवाहा, प्रतापसिंह बघेल, बिजेंद्र चौहान व सुरेश कश्यप को प्रदेश का महासचिव नियुक्त करते हुए उन्हें मंडलवार दायित्व सौंपा है।
बसपा प्रमुख ने संगठन में बदलाव करते हुए नसीमुद्दीन सिद्दीकी को आगरा व अलीगढ़ मंडल के सुरक्षित सीटों की जिम्मेदारी दी गई है। सिद्दीकी के पास इसके अलावा उत्तराखंड का भी प्रभार रहेगा।
पार्टी में मुरादाबाद का काम देख रहे अतर सिंह राव का कद बढ़ाते हुए उनको मेरठ व अलीगढ़ की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जोनल कोऑर्डिनेटर सुनील चित्तौड़ का कद कम करते हुए उन्हें आगरा और अलीगढ़ मंडल से हटाकर केवल आगरा जिले की ही जिम्मेदारी दी गई है।
बसपा की तरफ से जिलों में जिलाध्यक्षों का भार कम करने के लिए अब प्रत्येक जिलाध्यक्ष के साथ में एक कोऑर्डिनेटर को रखा जाएगा। जिलों में संगठन को मजबूत करने के लिए मंडल कोऑर्डिनेटरों को मॉनीटरिंग करने के लिए कहा गया है।
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