हालांकि उसे मिलने तो नहीं दिया गया, लेकिन काउंसिल का छह सवालों वाला एक पत्र जरूर स्वीकार कर लिया गया।
पत्र में ऑल इंडिया सुन्नी उलेमा काउंसिल ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से मिलने का समय मांगा है।
गौरतलब है कि मोहन भागवत आरएसएस के प्रांत प्रचारकों की वार्षिक बैठक में हिस्सा लेने कानपुर आए हैं।
बतौर हाजी सलीस 2015 में मोहन भागवत कानपुर प्रवास पर थे, तब भी उन्होंने उनसे मिलने का समय मांगा था, लेकिन उन्होंने इंद्रेश कुमार को हमसे मिलने भेजा था।
सलीस का कहना है, “हमने उनको 6 प्रश्न दिए थे। पहला, क्या आरएसएस भारत को हिंदू राष्ट्र मानता है? दूसरा, क्या हिंदू राष्ट्र का खाका आपने बनाया है? तीसरा, क्या हिंदू राष्ट्र भारत में हिंदू धार्मिक ग्रंथों के मुताबिक चलेगा?”
हाजी सलीस के अगले सवाल हैं- क्या आरएसएस ने कोई नया खाका बनाया है? चौथा, आप मुसलमानों से किस प्रकार का राष्ट्र प्रेम चाहते हैं? पांचवां, धर्मांतरण पर आपकी क्या नीति है? छठा, आप इस्लाम के संबंध में क्या जानते हैं और क्या मानते हैं?
बकौल हाजी, उस समय इंद्रेश कुमार ने उनके सवालों का जवाब न देकर कहा था, “इसका जवाब सार्वजनिक मंच पर देंगे।”
उन्होंने कहा, “तब हमने जून 2015 को हलीम कॉलेज में आयोजित सार्वजनिक सभा में आने का दावतनामा भेजा था लेकिन उन्होंने उसका कोई जवाब नहीं दिया।”
हाजी सलीस कहते हैं, “अब अगर मोहन भागवत मिलने का समय देते हैं, तो हमारी वार्ता उनसे होगी और मेरे वही प्रश्न होंगे जिनके जवाब आरएसएस ने अब तक नहीं दिए हैं।”
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