दक्षिण सूडान से 156 भारतीय वतन लौटे (राउंडअप)

नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम, 15 जुलाई (आईएएनएस)। संकटग्रस्त दक्षिण सूडान से 156 भारतीयों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। भारतीय वायुसेना का विशेष विमान शुक्रवार सुबह पालम हवाईअड्डे पर 71 भारतीयों को लेकर वतन लौटा। इससे पहले, 85 भारतीयों को लेकर विमान तिरुवनंतपुरम हवाईअड्डे पर उतरा।

दक्षिण सूडान से सुरक्षित निकाले गए लोगों में से दो नेपाली नागरिक, सात महिलाएं और तीन बच्चे भी शामिल हैं।

भारतीय वायुसेना का सी17 ग्लोबमास्टर विमान सुबह लगभग 10.45 बजे पालम हवाईअड्डे पर उतरा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुरक्षित वतन लौटे भारतीयों का स्वागत किया है और रक्षा मंत्री मनोहर र्पीकर, वायुसेना और रेल मंत्रालय को उनके द्वारा किए गए प्रयासों के लिए बधाई दी। उन्होंने साथ ही विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और विदेश राज्यमंत्री वी.के. सिंह को भी बधाई दी।

भारतीय रेल के आईआरसीटीसी ने वतन लौटने वालों को अपने प्रदेश यानी महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, केरल, दिल्ली, चंडीगढ़, ओडिशा, तमिलनाडु, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और आंध्र प्रदेश जाने की व्यवस्था की है।

विदेश राज्यमंत्री वी.के. सिंह की अगुवाई में ऑपरेशन संकटमोचन शुरू किया है, जिसके तहत संकटग्रस्त दक्षिण सूडान में फंसे भारतीयों को सुरक्षित स्वदेश लाया जाना है।

सिंह ने पालम हवाईअड्डे पर उतरने के बाद संवाददाताओं को बताया, “हम 156 भारतीय नागरिकों को वापस लाए हैं, जिसमें से 85 भारतीय तिरुवनंतपुरम में उतरे। मैंने दक्षिण सूडान के विदेश मंत्री (बर्नाबा मरियल बेंजामिन) और दक्षिण सूडान के उपराष्ट्रपति (रीक मचार) से मुलाकात की। उन्होंने मुझे हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।”

इससे पहले 85 भारतीय शुक्रवार को तिरुवनंतपुरम पहुंचे, जिनमें से 46 केरल के रहने वाले हैं। भारतीय वायुसेना का विशेष विमान उन्हें लेकर यहां पहुंचा।

दक्षिण सूडान से कुल 156 भारतीय नागरिकों को भारतीय वायुसेना के दो सी-17 ग्लोबमास्टर विमानों से सुरक्षित स्वदेश लाया गया है, जिनमें से एक विमान 71 नागरिकों को लेकर नई दिल्ली में उतरा, जबकि 85 यात्रियों को लेकर दूसरा विमान तिरुवनंतपुरम में उतरा।

केरल सरकार ने यहां सुबह विमान से उतरने वाले दक्षिण भारत के अन्य राज्यों के लोगों की आगे यात्रा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।

इन यात्रियों में शामिल अनिल कुमार ने बताया, “दक्षिण सूडान में इस सप्ताह की शुरुआत से ही गोलीबारी की घटनाएं तेज हो गई थीं। करीब पांच दिनों में भारी गोलीबारी हुई, जिसके बाद आखिरकार हमने वापस आने का निर्णय लिया।”

केरल के एक अन्य नागरिक ने कहा कि दक्षिण सूडान में प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच संघर्ष की स्थिति काफी भयावह थी।

केरल के एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “हम सरकार और वहां स्थित भारतीय दूतावास के आभारी हैं, जिन्होंने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए त्वरित कार्रवाई की। यदि वहां सब कुछ वापस सामान्य हो जाता है तो मैं फिर वहां जाना चाहूंगा।”

भारत सरकार ने संकटग्रस्त अफ्रीकी देश दक्षिण सूडान में फंसे भारतीयों को सुरक्षित स्वदेश लाने के लिए विदेश राज्यमंत्री वी.के.सिंह की अगुवाई में ऑपरेशन ‘संकट मोचन’ शुरू किया है।

यह विमान सुबह पांच बजे हवाईअड्डे पर उतरा।

सिंह ने संवाददाताओं से कहा, “300 से अधिक भारतीयों ने व्यावसायिक कारणों से सूडान में ही रहने का निर्णय किया।”

सिंह ने कहा, “जब मैं वहां था, तो मैंने दक्षिण सूडान के उपराष्ट्रपति से बात की थी। उन्होंने मुझे बताया कि वह वहां लोगों की सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम कर रहे हैं।”

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