इस दौरान मंडल के जिलाध्यक्ष लक्ष्मीकांत ने कहा कि जीएसटी के प्रारूप में विभाग के इंस्पेक्टरों को असीमित अधिकार दिए गए हैं। कोई भी इंस्पेक्टर व्यापारियों की छोटी गलती पर भी उन्हें गिरफ्तार कर सकता है। ऐसे नियमों से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा। इसलिए गिरफ्तारी के प्रावधान को समाप्त किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जीएसटी कानून में व्यापारियों को विभिन्न धाराओं में पांच हजार से 25 हजार रुपये जुर्माने के अलावा दैनिक जुर्माना लगाना उचित नहीं है। यही नहीं, इस व्यापारी विरोधी कानून में एक वर्ष से पांच वर्ष तक जेल भेजने की व्यवस्था भी समाप्त होनी चाहिए।
लक्ष्मीकांत ने कहा कि इसमें सक्षम अधिकारियों को किसी भी व्यापारिक प्रतिष्ठान में आलमारी, बॉक्स व परिसर का ताला तोड़कर जांच करने और सील करने का अधिकार दिया गया है। यह पूरी तरह से गलत है।
प्रदर्शन के अंत में सभी व्यापारियों ने कलेक्ट्रेट जाकर जीएसटी के कानूनों में बदलाव की मांग करते हुए संबंधित अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
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