तिरुवनंतनपुरम, 18 जुलाई (आईएएनएस)। केरल सरकार राज्य में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों के लिए बीमा योजना शुरू करेगी। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने सोमवार को इसकी घोषणा की।
केरल में 25 लाख के करीब प्रवासी मजदूर हैं, जिनमें से अधिकांशत: पश्चिम बंगाल, बिहार और पूर्वोत्तर के राज्यों से हैं।
कांग्रेस के विधायक वी. पी. सजींद्रन द्वारा लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री विजयन ने कहा, “राज्य में पहले से यह नियम लागू है कि सभी प्रवासी मजदूरों को अपने निवास स्थल के नजदीकी पुलिस थाने में पंजीकरण करना होता है, लेकिन इससे वांछित परिणाम नहीं मिल सका है। इसलिए हम जल्द ही एक बीमा योजना शुरू करने वाले हैं और इसके जरिए हम राज्य में रह रहे सभी प्रवासी मजदूरों का ब्यौरा हासिल कर पाएंगे।”
उन्होंने बताया कि इससे पहले राज्य में प्रवासी श्रमिकों की संख्या का अनुमान लगाने के लिए 2013 में आखिरी बार सर्वेक्षण किया गया था। उस सर्वेक्षण के अनुसार, तब केरल में विभिन्न राज्यों से आए मजदूरों की संख्या 25 लाख के करीब थी।
मुख्यमंत्री विजयन ने कहा, “आज यह संख्या कहीं ज्यादा हो चुकी होगी और जैसे-जैसे उनकी संख्या बढ़ रही है उनके खिलाफ शिकायतों की संख्या भी बढ़ी है। प्रवासी मजदूरों का 90 फीसदी हिस्सा जहां यहां आजीविका कमाने में लगा हुआ है, लेकिन शेष ऐसे हैं जिनका उनके राज्यों में आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और ऐसा ही वे यहां भी कर रहे हैं।”
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