बेंगलुरु, 18 जुलाई (आईएएनएस)। कोडागू जिला की एक अदालत ने सोमवार को कर्नाटक के मंत्री के. जे. जॉर्ज के खिलाफ पुलिस उपाधीक्षक एम. के. गणपति की कथित आत्महत्या के मामले में पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया। इसके कुछ ही घंटे बाद जॉर्ज ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। गणपति ने सात जुलाई को आत्महत्या कर ली थी।
जॉर्ज ने यहां संवाददताओं से कहा, “मैंने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री (सिद्धारमैया) को सौंप दिया है।”
जार्ज 31 अक्टूबर 2015 तक गृह मंत्री थे। उनकी जगह कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जी. परमेश्वर ने ली थी। फिलहाल वह बेंगलुरु के विकास मंत्री थे।
इससे पहले दिन में प्रथम श्रेणी अतिरिक्त न्यायिक दंडाधिकारी अन्नापूर्णेश्वरी ने काडागू माडिकेरी पुलिस को जार्ज, अपर पुलिस महानिदेशक (खुफिया) ए. एम. प्रसाद और लोकायुक्त पुलिस महानिरीक्षक प्रणब मोहंती के खिलाफ गणपति के बड़े पुत्र की शिकायत पर भारतीय दंड संहिता की धारा 306 के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया।
यह शिकायत आत्महत्या के कुछ ही घंटे पहले गणपति के एक स्थानीय चैनल को दिए साक्षात्कार के आधार पर दर्ज कराई गई है। गणपति ने इन तीनों पर खुद को परेशान करने का आरोप लगाते हुए कहा था कि यदि भविष्य में उनके साथ कुछ भी गलत होता है तो उसके लिए इन तीनों को ही जवाबदेह माना जाए।
हालांकि, स्थानीय पुलिस ने अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया था, लेकिन शिकायतकर्ता ने याचिका में अदालत को गणपति के साक्षात्कार को मौत के पहले का दिया गया बयान मानने का आग्रह करते हुए तीनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आग्रह किया था।
इसके पहले मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने विधान परिषद में कहा कि भाजपा नेता के. एस. ईश्वरप्पा की जार्ज को हटाने या इस्तीफा के लिए कहने की मांग पर जवाब देने से पहले वह अदालत के आदेश का इंतजार करेंगे।
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