नई दिल्ली, 19 जुलाई (आईएएनएस)। सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग को चुनाव में खड़े उम्मीदवारों के आय के स्रोत मामले में नोटिस भेजा।
न्यायालय में दायर याचिका में चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को अपने आय के स्रोत की घोषणा करने और सरकार के साथ लेन-देन करने वाले प्रतिष्ठान में साझेदारी को सार्वजनिक करने का आग्रह किया गया है।
न्यायमूर्ति जे. चेलामेश्वर की अध्यक्षता वाली पीठ ने लखनऊ के गैर सरकारी संगठन लोक प्रहरी की याचिका पर यह नोटिस भेजा। लोक प्रहरी ने अपनी याचिका में नामांकन-पत्र में एक कॉलम बढ़ाने की मांग की गई है, जिसमें प्रत्याशी को अपनी आय के स्रोत का ब्यौरा देना होगा।
सेवानिवृत्त राजनयिक और लोक प्रहरी के महासचिव एस. एन. शुक्ला ने अदालत में यह याचिका दायर की है।
अदालत ने इस मामले में इससे पहले दो जुलाई को हुई सुनवाई के दौरान कहा था कि वह पहले इस बात की जांच करेगी कि क्या विधि निर्माता सरकार के साथ लेन-देन करने वाली कंपनियों में साझेदारी रख सकते हैं।
अदालत ने मंगलवार को देश छोड़कर भाग चुके उद्यमी विजय माल्या का संदर्भ देते हुए कहा कि यह चिंता का विषय है कि विधि निर्मातों की साझेदारियां सरकार में भी हैं। अदालत ने कहा, “लोग करोड़ों रुपयों का कर्ज ले रहे हैं, सांसद बन रहे हैं और उसके बाद कुछ गड़बड़ होने पर देश छोड़कर भाग जाते हैं।”
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