नई दिल्ली, 20 जुलाई (आईएएनएस)। अपराध शाखा के अधिकारी कथित कॉल डिटेल रिकॉर्डिग (सीडीआर) मामले में और दो या तीन और लोगों को गिरफ्तार कर सकते हैं।
संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध शाखा) रविंद्र यादव ने बुधवार को आईएएनएस को बताया, “जल्द ही दो या तीन लोगों को गिरफ्तार किया जा सकता है।”
जांच से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर आईएएनएस को बताया, “अभियुक्तों ने पूछताछ के दौरान छह या सात लोगों के नाम लिए हैं।”
दिल्ली पुलिस ने एक पखवाड़े के भीतर एक दूसरी बड़ी सफलता हासिल करते हुए मंगलवार को चार लोगों को गिरफ्तार करके अखिल भारतीय जासूसी रैकेट का भंडाफोड़ किया था। इनमें गुप्तचर एजेंसियों के दो मालिक, एक पुलिस अधिकारी और एक ऐसा विशेषज्ञ हैकर शामिल है, जो जयपुर पुलिस के साथ काम करता था।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने पिछले दो सालों में 2,000 से भी ज्यादा सीडीआर हासिल किए थे।
चारों की पहचान गुप्तचर एजेंसियां चला रहे पुणे निवासी अनिकेत प्रकाश धामले (25) और मुंबई निवासी अभिनव कुमार (35), जयपुर पुलिस की साइबर अपराध शाखा के अधिकारियों की सहायता कर रहे छात्र और हैकर गजराज सिंह (23) और जयपुर पुलिस साइबर अपराध शाखा के अधिकारी मुकेश कुमार मीणा (38) के रूप में की गई है।
दिल्ली पुलिस ने अवैध रूप से सीडीआर हासिल करने और उन्हें विभिन्न लोगों, मुख्य रूप से गुप्तचर एजेंसियों को बेचने में शामिल एक अंतरराज्यीय गिरोह का 10 जुलाई को भंडाफोड़ किया था।
इस क्रम में पांच लोग उत्तर प्रदेश पुलिस के हवलदार नरेंद्र, जयवीर सिंह राठौड़ (46), पंकज तिवारी (26), आदित्य शर्मा (32) और संजीव चौधरी (42) को अवैध रूप से सीडीआर हासिल करने के लिए गिरफ्तार किया था।
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