नई दिल्ली, 25 जुलाई (आईएएनएस)। आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद भगवंत मान द्वारा संसद की सुरक्षा का उल्लंघन किए जाने के मामले की जांच के लिए लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सोमवार को नौ सदस्यीय समिति गठित की है।
महाजन ने मान को सुझाव दिया कि मामला सुलझने तक वह सदन की कार्यवाही में शामिल न हों।
महाजन ने लोकसभा की बैठक शुरू होने के साथ ही कहा कि पंजाब के संगरूर से सांसद भगवंत मान द्वारा 21 जुलाई को संसद के सुरक्षा क्षेत्रों का ऑडियो-वीडियो बनाना और उसे सोशल मीडिया पर डालना अनुचित है।
महाजन ने कहा, “इससे संसद की सुरक्षा को खतरे में डाला गया है।”
भगवंत मान को 26 जुलाई (मंगलवार) को सुबह 10.30 बजे समिति के समक्ष पेश होने और अपना बयान दर्ज कराने को कहा गया है।
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि समिति तीन अगस्त तक अपनी रपट सौंपेगी और तबतक मान को सत्र की कार्यवाही में शामिल नहीं होने की सलाह दी जाती है।
महाजन ने संसद को लोकतंत्र का ‘पावन स्थल’ करार देते हुए 13 दिसंबर, 2001 को संसद पर हुए हमले का जिक्र किया, जब सुरक्षाकर्मियों ने संसद की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे। इसके बाद संसद की पूरी प्रणाली की समीक्षा की गई थी।
उन्होंने कहा, “भगवंत मान के कृत्य से संसद की सुरक्षा खतरे में है।”
महाजन ने कहा कि उन्होंने सभी राजनीतिक पार्टियों के नेताओं से सलाह की है और सभी ने इस मुद्दे पर उनके कदम का समर्थन किया है।
सुमित्रा ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद किरीट सोमैया की अध्यक्षता में नौ सदस्यीय समिति का गठन किया है, जिसमें आनंदराव अडसुल (शिवसेना), मीनाक्षी लेखी (भाजपा), सत्यपाल सिंह (भाजपा), बी.महताब (बीजू जनता दल), रत्ना डे नाग (तृणमूल) और के.सी.वेणुगोपाल (कांग्रेस) तथा अन्य शामिल हैं।
समिति से कुछ उपाय भी सुझाने को कहा गया है, ताकि इस तरह की घटनाएं भविष्य में नहीं दोहराई जाए।
उन्होंने कहा, “समिति को कुछ उचित उपाय भी सुझाने चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।”
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