उन्होंने कहा कि बसपा अध्यक्ष मायावती के बारे में की गई अभद्र टिप्पणी के जवाब में ‘दयाशंकर सिंह की बेटी पेश करो’ का नारा लगाना अभद्रता का परिचायक है। हर महिला का सम्मान होना चाहिए, चाहे दलित हो या सवर्ण।
गुप्ता ने कहा कि सभी पार्टियों के नेताओं को टिप्पणी करने के पहले सोचना चाहिए कि कहीं उस टिप्पणी से किसी का अपमान तो नहीं हो रहा है। मायावती पर अपमानजनक टिप्पणी करना गलत था, जिसकी सजा तो दयाशंकर सिंह को कानून देगा।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने जहां उनको पार्टी से निष्कासित कर दिया, वहीं उनके खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज हो चुकी है। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए जगह-जगह दबिश दे रही है। कानून अपना काम कर रहा है, ऐसे में बसपा नेताओं को संयम बरतना चाहिए।
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