नई दिल्ली, 25 जुलाई (आईएएनएस)। नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार ने सोमवार को जोर देकर कहा कि उनकी सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को आरक्षण देने को लेकर प्रतिबद्ध है, वहीं केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने स्पष्ट किया कि संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा चयनित अभ्यर्थियों को ‘क्रीमी लेयर’ के संबंध में सूचना देने के लिए भेजा गया नोटिस पुरानी प्रणाली के तहत किया गया और इसे सिर्फ ‘मुकदमेबाजी’ से बचने के लिए किया गया।
राजनाथ सिंह ने लोकसभा में एक सवाल का जवाब दते हुए कहा, “चयनित अभ्यर्थी क्रीमी लेयर से हैं या नहीं, यह सूचना सिर्फ यह जानने के लिए मांगी गई थी ताकि अभ्यर्थियों को भविष्य में किसी तरह की कानूनी अड़चन का सामना न करना पड़े।”
उन्होंने बताया कि 2004 से ही यूपीएससी के सफल अभ्यर्थियों को इस तरह का नोटिस भेजा जाता रहा है और यह सिर्फ नीतिगत निर्णय का हिस्सा है और इस तरह की जानकारी के आधार पर किसी ओबीसी अभ्यर्थी के हित को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा।
शून्यकाल के दौरान सपा सदस्य धर्मेद्र यादव और राजद सांसद जयप्रकाश नारायण यादव के सवाल पर राजनाथ सिंह ने अपने जवाब में कहा, “इससे केवल जानकारी मांगी जाती है। इसके अलावा कुछ भी नहीं।”
धर्मेद्र यादव ने पूछा कि चयनित अभ्यर्थियों से इस तरह के सवाल क्यों पूछे जाते हैं और ओबीसी आरक्षण को लेकर नीतियों के मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस एक जैसी हैं।
उन्होंने आरोप लगाया, “इस मसले पर अब तक कांग्रेस गलती करती आ रही थी और अब भाजपा पिछड़े समुदाय को और नुकसान पहुंचा रही है।”
वहीं राजद के सांसद जयप्रकाश ने आरोप लगाया कि ओबीसी आरक्षण को खत्म करने के लिए बहुत बड़ी साजिश रची जा रही है।
जयप्रकाश के आरोपों का जवाब देते हुए संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने कहा, “मोदी सरकार ओबीसी आरक्षण को लेकर गंभीर और प्रतिबद्ध है।”
उन्होंने कहा, “अगर किसी सरकार ने ओबीसी समुदाय के लिए सर्वाधिक कार्य किया है, तो वह मोदी सरकार है।”
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