पटना, 26 जुलाई (आईएएनएस)। बिहार में विपक्ष की भूमिका निभा रही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी को लगता है कि राज्य में शराबबंदी लागू होने के बाद अपराध बढ़ा है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए सरकार के दावे को झुठलाया।
मोदी ने मंगलवार को पटना में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए अपराध को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार दावा कर रही है कि अपराध की घटनाओं में गिरावट आई है, लेकिन शराबबंदी के बाद अपराध बढ़ा है।
सुशील मोदी ने मई महीने में हुए अपराध के आंकड़ों को जारी करते हुए कहा कि यह सरकार के दावे को खोखला बता रही है। उन्होंने कहा कि सं™ोय अपराध में अप्रैल, 2016 की तुलना में मई माह में 13़5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। राज्य में अप्रैल महीने में जहां 14,279 अपराध की घटनाएं दर्ज की गई थी, वहीं मई में 16,208 मामले दर्ज किए गए।
मोदी ने कहा कि हत्या की घटनाओं में भी नौ प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस वर्ष अप्रैल महीने में 192 हत्या की घटनाएं दर्ज की गई थीं, जबकि मई में यह बढ़कर 209 तक पहुंच गई। इसी तरह अप्रैल में लूट की कुल 100 घटनाएं प्रतिवेदित थीं, जो मई महीने में बढ़कर 154 तक पहुंच गई।
सुशील मोदी ने कहा कि अपहरण की घटनाओं ने पिछले पांच महीने का रिकार्ड तोड़ दिया है। मई महीने में राज्य भर में अपहरण की कुल 638 मामले विभिन्न थानों में दर्ज किए गए, जबकि जनवरी में अपहरण की 581, फरवरी में 585, मार्च में 590 और अप्रैल में अपहरण के 599 मामले दर्ज किए गए थे। इसी तरह दुष्कर्म की घटनाओं में भी 29 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
मोदी ने शराबबंदी कानून को ‘तालिबानी कानून’ बताते हुए कहा कि इसके लिए राज्य में उचित माहौल बनाए बिना जल्दबाजी में लागू कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोगों को 10 वर्षो तक शराब की लत लगवाई और अब कानून बनाकर रातों रात उसे बंद करना चाहती है।
उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि अपराध की घटनाओं में वृद्धि से शराबबंदी का कोई सीधा संबंध नहीं है, लेकिन सरकार को शराबबंदी के बाद अपराध की घटनाओं में कमी का दावा करने के लिए सात-आठ महीने का इंतजार करना चाहिए था।
बिहार में इस साल अप्रैल से ही शराब पर प्रतिबंध लागू है। सरकार का मानना है कि इससे महिलाएं खुश हैं और जो लोग शराब पीकर रोज घरेलू हिंसा कर बैठते थे, वे अब घरेलू काम में भी हाथ बंटाने लगे हैं।
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