पटना, 26 जुलाई (आईएएनएस)। विश्व की पांच बड़ी आर्थिक शक्तियों के समूह ब्रिक्स की महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को पटना में हुई, जिसमें पांचों सदस्य देशों- भारत, ब्राजील, रूस, चीन और दक्षिण अफ्रीका ने विश्व व्यापार से संबंधित मुद्दों के साथ दैनिक कूटनीति के तत्कालिक मुद्दों तथा प्रत्येक देश की क्षेत्रीय स्थिति पर चर्चा की।
बैठक में सदस्य देशों ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर में ब्रिक्स की भूमिका, ब्रिक्स फोरम में मौजूदा सहयोग और ब्रिक्स देशों में आपसी सहयोग के बारे में चर्चा की गई।
चर्चा के दौरान इसे विदेश नीति नियोजन और ब्रिक्स देशों के मूल्यांकन में सवरेत्तम प्रक्रियाओं को साझा करने के लिए एक अवसर बताया। वार्ता की गुणवत्ता और गुंजाइश ने ब्रिक्स की आवाज के महत्व की पुष्टि करते हुए यह बताया है कि यह, वह समूह है जो विश्व की पांच प्रमुख अर्थव्यवस्था को एक साथ लाता है और इन देशों में विश्व की 43 प्रतिशत जनसंख्या निवास करती है।
बैठक में ब्राजील का प्रतिनिधित्व माइकल आर्सलनियन नेटो, रूस का प्रतिनिधित्व ओलेग स्टेपानोव, चीन का प्रतिनिधित्व वांग वेनबिन और दक्षिण अफ्रीका का प्रतिनिधित्व डेविड मलकोमसोन ने किया। भारत का प्रतिनिधत्व विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधि सुभाष झा ने किया।
बैठक में सदस्य देशों में आपसी आर्थिक सहयोग व समन्वय पर जोर दिया गया। इसके लिए विभिन्न उपायों पर चर्चा हुई। आम राय उभरी कि सभी समस्याओं का ऐसा समाधान हो, जिसका प्रभाव लंबे समय तक बना रहे।
बैठक में ब्रिक्स देशों ने सहयोग को और मजबूत बनाने के लिए इस वर्ष ब्रिक्स के अध्यक्ष के रूप में भारत को ब्रिक्स सहयोग को गहरा और सतत बनाने के लिए संस्थान निर्माण करने के प्रयास की जरूरत बताई गई।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे विदेश मंत्रालय के अधिकारी संतोष झा ने बताया कि रूस के बाद ब्रिक्स की अध्यक्षता अब भारत के पास है। ब्रिक्स को जन केंद्रित करने के उद्देश्य से यह सम्मेलन दिल्ली से बाहर आयोजित किया जा रहा है।
बोधगया और नालंदा के अंतर्राष्ट्रीय महत्व को देखते हुए सम्मेलन स्थल के रूप में बिहार का चयन हुआ है।
इस दौरान सदस्य देशों के शिष्टमंडल प्रमुखों ने बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की।
इस क्रम में आए कई लोगों ने पटना के आसपास तथा नालंदा और राजगीर जैसे ऐतिहासिक स्थलों को भी देखा।
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