BDL की डिफेंस डील पर उठे सवाल

हैदराबाद-रक्षा मंत्रालय के अधीन सरकारी कंपनी भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) की रक्षा खरीद प्रक्रिया पर सवाल उठे हैं। कंपनी ने एंटी टैंक गाइडेड मिसाइलों के लिए 300 ऑप्टिकल साइट्स की आपूर्ति का ठेका निजी कंपनी ऐंद्रि डिफेंस एडवाइजरी प्राइवेट लिमिटेड को सिंगल टेंडर के जरिए दिया है। कंपनी ने इसके लिए 56.8 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी। इस निजी कंपनी की स्थापना BDL के पूर्व चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक सिद्धार्थ मिश्रा ने अपनी पत्नी शांभवी मिश्रा के साथ मिलकर की थी। इस पूरे मामले का खुलासा इंडियन एक्सप्रेस की पड़ताल में हुआ है। बता दें कि ऑप्टिकल साइट्स ऐसे उपकरण हैं, जिनकी मदद से मिसाइल ऑपरेटर लक्ष्य को देखने और निशाना साधने में मदद लेता है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार ठेका देने के लिए दूसरी कंपनियों से प्रतिस्पर्धी बोली नहीं मंगाई गई। जबकि पिछले दो वर्षों में इसी तरह के उपकरणों की खरीद सरकारी क्षेत्र की कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के जरिए की गई थी। ऐसे में इस बार निजी कंपनी को ठेका देने के तरीके पर सवाल उठ रहे हैं।

ऐंद्रि डिफेंस एडवाइजरी प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना मई 2024 में हुई थी। सिद्धार्थ मिश्रा मार्च 2023 में BDL के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उन्होंने करीब चार साल तक इस पद पर काम किया था। कंपनी की शुरुआत में सिद्धार्थ मिश्रा और उनकी पत्नी शांभवी मिश्रा की 50-50 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। बाद में हिस्सेदारी में बदलाव हुआ और अब शांभवी मिश्रा के पास कंपनी की 95 प्रतिशत हिस्सेदारी है। शेष 5 प्रतिशत हिस्सेदारी कौशिकी नंदन वात्स्यायन के पास है।

कंपनी के रिकॉर्ड के मुताबिक, सिद्धार्थ मिश्रा जनवरी 2025 तक इसके निदेशक और शेयरधारक रहे। इसके बाद कोलकाता स्थित राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण (NCLT) में सदस्य नियुक्त होने पर उन्होंने कंपनी छोड़ दी। पूर्व CMD से जुड़ी कंपनी को उसी सरकारी रक्षा उपक्रम से ठेका मिलने के कारण चयन प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, BDL ने 2024 और 2025 में भी इसी तरह की ऑप्टिकल साइट्स खरीदी थीं। वर्ष 2024 में टेंडर केवल केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के लिए था। वहीं, 2025 में रक्षा क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों को भी इसमें शामिल किया गया था। दोनों वर्षों में रक्षा मंत्रालय के अधीन मिनी रत्न कंपनी इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड ने ठेके हासिल किए थे। लेकिन 2026 में खरीद प्रक्रिया बदल गई। इस बार न तो प्रतिस्पर्धी बोली मंगाई गई और न ही टेंडर को सरकारी कंपनियों तक सीमित रखा गया। इसके बजाय केवल ऐंद्रि डिफेंस एडवाइजरी को टेंडर जारी किया गया। इस बदलाव के पीछे अपनाई गई प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

About Dharm Path

Leave a Reply


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493