एक नदी को बहने के लिए दो किनारों की आवश्यकता होती है। बाढ़ तथा बहती हुई नदी में यह अन्तर है कि बहती हुई नदी का पानी एक विशेष दिशा में बहता है, जबकि बाढ़ की अवस्था में पानी बिना किसी क्रम के दिशाविहीन होकर बहता है। इसी प्रकार हमारे जीवन में यदि ऊर्जा को कोई दिशा नहीं प्रदान की …
Read More »धर्म-अध्यात्म
बाबाओं की शरण में लालू, आशीर्वाद में मिली गाली
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव शुक्रवार को विंध्यधाम क्षेत्र में पहुंचने के बाद मंदिर बाद में पहले बाबाओं के आश्रम में गए। घमहापुर स्थित विभूति नारायण उर्फ पगला बाबा और महुवारी कला स्थित देवराहा हंस बाबा के आश्रम में उन्होंने पांच घंटे से भी अधिक समय गुजारा। आश्रम में आशीर्वाद लेने के बाद उन्होंने रात में मां विंध्यवासिनी …
Read More »खुद को हमेशा सबसे महत्वपूर्ण समझें: सुधांशु जी महाराज
दूर दृष्टि से बनता है सकारात्मक दृष्टिकोण। संसार एक विशाल समुद्र है, उस विशाल समुद्र के बीच आपकी स्थिति क्या है? हमें लगता है हमारी गणना नहीं होती, मगर ऐसा नहीं है। सूर्य एक-एक किरण से है, रेशों से रस्सी है, बूंद-बूंद से समुद्र है, कोशिकाओं से शरीर बनता है, ऐसे ही एक-एक व्यक्ति से संसार बनता है। आपके बिना …
Read More »धार्मिक व्यक्ति वह है जिसका मन ठहरा हुआ हैः ओशो
मन की दो अवस्थाएं है, एक दौड़ता हुआ मन, एक ठहरा हुआ मन। दौड़ता हुआ मन, निरंतर ही जहां होता है, वहां नहीं होता। ऐसा समझें कि दौड़ता हुआ मन कहीं भी नहीं होता। दौड़ता हुआ मन सदा ही भविष्य में होता है। आज में नहीं होता, अभी नहीं होता, यहां नहीं होता। कल, आगे कहीं और, कल्पना में, सपने …
Read More »साढ़े चार करोड़ के ऋण प्रकरण स्वीकृत (उच्च शिक्षा ऋण शिविर)
जिले का पहला उच्च शिक्षा ऋण शिविर आज एमवीएम कालेज भोपाल में आयोजित किया गया। शिविर में 130 छात्र-छात्राओं ने उच्च शिक्षा ऋण के संबंध में जानकारी प्राप्त की और साढ़े चार करोड़ राशि के ऋण प्रकरणों में बैंकों द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई। उच्च शिक्षा ऋण शिविर में कलेक्टर श्री निशांत वरवड़े ने छात्र-छात्राओं से कहा कि वे उच्च …
Read More »प्रेम का उद्देश्य आनंद प्राप्तिः श्री श्री रविशंकर
भगवद्गीता में एक कहानी है। जब भगवान कृष्ण को भोजन परोसा जा रहा था, वे खड़े हुये और बोले, ‘‘नही, मुझे जाना है।‘‘ गोपियों ने उन्हें समझाने की कोशिस की। ‘‘पहले अपना भोजन तो करलो, ‘‘उन्होने विनती की। लेकिन वे बोले, ‘‘नही। मेरा एक भक्त मुश्किल में है और मुझे पुकार रहा है। मुझे उसके लिये जाना होगा। ‘‘ऐसा कहकर …
Read More »उस पल ईश्वर होता है सबसे करीब : ओशो
मेरे सूत्र अनूठे हैं। मैं तुमसे कहता हूं, जब तुम्हारा मन बड़ा सुखी मालूम पड़े। कोई मित्र घर आया है, बहुत दिनों बाद मिले हैं, गले लगे हैं, गपशप हुई है, मन ताजा है, हल्का है, खूब प्रसन्न हो तुम, इस मौके को छोड़ना मत। बैठ जाना एकांत में। इस घड़ी में सुख का सुर बज रहा है, परमात्मा बहुत …
Read More »गुरु दर्शन को उमड़े श्रद्धालु, सावन कल से शुरू
पटना। बिहार में गुरु पूर्णिमा श्रद्धा व उत्साह से मनाई जा रही है। आषाढ़ पूर्णिमा यानि गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सोमवार सुबह से ही श्रद्धालु मंदिरों और गुरुधाम पहुंच कर अपने गुरु की पूजा अर्चना कर रहे हैं। वहीं, मंगलवार से सावन का पावन महीना शुरू हो जाएगा। सावन को लेकर शहर के शिवालयों में तैयारी शुरू कर दी …
Read More »मोक्ष का मूल गुरु की कृपा
एक गुरु के पास आपको न केवल आपके जीवन के कष्टों से अपितु स्वयं से भी परे ले जाने की अद्भुत क्षमता होती है। वैदिक ज्ञान के अनुसार गुरुशक्ति को सर्वोच्च स्थान और आदर दिया गया है। गुरु का अस्तित्व भौतिक शरीर तक सिमटा नहीं है, बल्कि वह एक शक्ति है जिसे दिव्य चेतना परब्रह्म से भी उच्च माना गया …
Read More »यह हैं मुख्य पर्व के दिन
वृंदावन। गुरुपूर्णिमा के साथ शुरू हो रहे सावन के महीने से पहले ही श्रद्धालुओं का वृंदावन आना शुरू हो चुका है। प्राचीन सप्तदेवालयों के अलावा अनेक मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ का दवाब देखा जा रहा है। महीनेभर चलने वाले धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शिरकत करने आये यह श्रद्धालु पूरे महीने शहर में प्रवास करेंगे। श्रद्धालुओं की भीड़ …
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