धर्म-अध्यात्म

इसलिए बच्चों को चित्रों से पढ़ाया जाता हैः ओशो

मनुष्य का जो मन है, वह पहले चित्रों की भाषा में सोचता है, फिर शब्दों की भाषा विकसित होती है। इसे आप यूं भी समझ सकते हैं कि जब आप सपने देखते हैं तो चित्रों की भाषा में देखते हैं, क्योंकि सपने में आप अपनी शिक्षा-दीक्षा सब भूल जाते हैं। जो भाषा आपको सिखाई गई प्रतीकों की, संकेतों की, गणित …

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सोच में नकारात्मकता अनुचित

शेख सादी अपने अब्बा के साथ हजयात्रा पर निकले। मार्ग में वे विश्राम करने के लिए सराय में रुके। शेख सादी का नियम था कि वह रोज सुबह उठकर अपने नमाज इत्यादि के क्रम को पूर्ण करते थे। जब वह सुबह उठे तो उन्होंने देखा कि सराय में ज्यादातर लोग सोए हुए हैं। शेख सादी को बड़ा क्रोध आया। क्रोध …

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हाउसिंग बोर्ड के मुख्यालय में सुराज प्रशासन की इज्जत तार-तार की लेखाधिकारी ने

अनिल सिंह (भोपाल)– हाउसिंग बोर्ड का पर्यावास भवन स्थित दफ्तर जो मुख्यालय है विभाग का यहाँ आला अफसरों के दफ्तर हैं।अध्यक्ष रामपाल सिंह ,एम् सी गुप्ता आयुक्त जैसे बड़े -बड़े लोग यहाँ के कर्ता-धर्ता हैं।भारत के इन वीरों को जो प्रशासन देता है उसके बदले ये क्या दे पाते हैं ,इनकी प्रशासनिक क्षमता क्या है इसकी बानगी हम आपको बताते …

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श्री हरिगोबिंद साहिब: मीरी-पीरी के मालिक

सिखों के छठे गुरु एवं अकाल तख्त के संस्थापक श्री हरिगोबिंद साहिब का संदेश था कि आध्यात्मिक मूल्यों (पीरी) के साथ राजनीतिक शक्ति (मीरी) भी प्राप्त करनी चाहिए। पांचवें गुरु और पिता के बलिदान के बाद मात्र ग्यारह वर्ष की आयु में गुरु हरिगोबिंद साहिब ने सिखों का नेतृत्व संभाला। अत्याचारियों से संघर्ष करने के लिए गुरु जी ने सिखों …

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दुःख का कारण हम स्वयं हैं और कोई नहीं: आशाराम बापू

लोग बोलते हैं हम दुःखी हैं, दुःखी हैं, दुःखी हैं लेकिन वेदांत कहता है दुःख का वजन कितना है? 50 ग्राम, 100 ग्राम, 200 ग्राम, किलो, आधा किलो? दुःख का कोई वजन देखा? नहीं। दुःख का रंग क्या है? कोई भी रंग नहीं। दुःख का रूप क्या है? रूप भी कोई नहीं। दुःख की ताकत कितनी है? उसकी अपनी ताकत …

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खुद को और अपनी क्षमताओं को जानें: सुधांशु जी महाराज

जीवन यात्रा है और सब से सुन्दर मांगलिक यात्रा है। जिन्दगी भर व्यक्ति भीड़ के पीछे भागता रहता है और एक दिन जीवन यात्रा समाप्त हो जाती है। जरा सोचिए इस जीवन यात्रा में, क्या पाया-क्या खोया? कौन अपना- कौन पराया? क्या कर रहे हैं-कहां जा रहे हैं? क्या जोड़ा और क्या साथ जाएगा? जिन्दगी में जिम्मेदारियां निभाएं, लेकिन जीवन …

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धार्मिक स्थलों के पुनर्निर्माण को 10 करोड़

देहरादून। पंजाब सरकार श्री केदारनाथ व श्री बदरीनाथ मंदिर, श्री हेमकुंड साहिब व अन्य धार्मिक तीर्थस्थलों के पुनर्निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपये उपलब्ध कराएगी। आपदा प्रभावित 25 गांवों के पुनर्निर्माण के लिए भी पंजाब सरकार मदद देगी। शुक्रवार को पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने सचिवालय में मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा से भेंट की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की …

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आपसी सौहार्द से ही देश बनेगा विश्व गुरु

हरिद्वार। श्रीमज्जगुरु रामानंदाचार्य स्वामी हंसदेवाचार्य महाराज और महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद महाराज ने कहा कि जब देश में दीवाली में अली और रमजान में राम नजर आने लगेगा तभी देश आगे बढ़ पाएगा और एक बार फिर भारत विश्व गुरू बन पाएगा। दोनों संत शुक्रवार को हरमिलाप मिशन में मिशन के वार्षिकोत्सव के समापन दिवस पर सत्संग को संबोधित कर रहे …

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दृष्टि बदलकर देखिए मंदिर मस्जिद में फर्क नहीं:ओशो

जैसे आकाश ने सबको घेरा हुआ है, जैसे जीवन की ऊर्जा सभी में व्याप्त है, वैसे ही कण- कण, चाहे पदार्थ का हो, चाहे चेतना का, परमात्मा की ही अभिव्यक्ति है। कृष्ण इस सूत्र में अर्जुन से कह रह हैं कि मेरे अतिरिक्त और कुछ भी नहीं है। पहले इस मौलिक धारणा को समझ लें, फिर हम सूत्र को समझें। …

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‘केदारनाथ मंदिर पर कब्जा जमाना चाहते हैं संत स्वरूपानंद’

इलाहाबाद। देवभूमि उत्तराखंड में आई प्राकृतिक आपदा से हर कोई व्यथित है। देश के लोग जिस तरह एकजुटता से पीड़ितों की मदद के लिए आगे आए हैं वह प्रशंसनीय है। लेकिन संकट की इस घड़ी में वयोवृद्ध संत स्वरूपानंद सरस्वती ने राजनीतिक कवच पहनकर बद्रीनाथ एवं केदारनाथ मंदिर की संपूर्ण धार्मिक रीति-रिवाज व पूजा परंपराओं को गलत दिशा देकर उस …

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