बुरहानपुर-मध्यप्रदेश के बुरहानपुर में किसानों ने सरकार का ध्यान खींचने के लिए गुरुवार को एक बार फिर दोगुने मुआवजे की मांग को लेकर अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। पंगरी मध्यम सिंचाई परियोजना से प्रभावित किसानों ने अपने शरीर पर केले के पत्ते लपेटे और सिर पर सागौन के पत्ते पहनकर आदिमानव आंदोलन के रूप में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। यह विरोध ऐसे समय में हुआ जब जिले के प्रभारी और जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट बुरहानपुर के दौरे पर मौजूद थे।
किसानों का कहना है कि पंगरी सिंचाई परियोजना के लिए उनकी जमीन अधिग्रहित की गई थी और मुआवजा दिया गया था। लेकिन वह भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन अधिनियम 2013 के प्रावधानों के अनुरूप नहीं है। प्रभावित किसानों के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में अधिग्रहित भूमि के बदले उन्हें दोगुना मुआवजा और उचित तोषण मिलना उनका कानूनी अधिकार है जिसे सरकार लगातार नजरअंदाज कर रही है। किसान पिछले दो से तीन सालों से अलग-अलग तरीकों से आंदोलन कर रहे हैं लेकिन अब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
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