भोपाल-अमरपाटन से कांग्रेस विधायक राजेंद्र कुमार सिंह ने राज्य के हालिया बजट पर चर्चा करते हुए सरकार की आर्थिक नीतियों और वित्तीय प्रबंधन पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि बजट का आकार भले ही 9 प्रतिशत बढ़ाया गया हो, लेकिन यही वास्तविक विकास दर नहीं कहलाती।
सिंह ने आरोप लगाया कि प्रदेश में राजस्व व्यय का अनुपात अत्यधिक है। उनके अनुसार कुल बजट का लगभग 78 प्रतिशत हिस्सा राजस्व व्यय में जा रहा है, जबकि पूंजीगत व्यय केवल 22 प्रतिशत है। उन्होंने इसे चिंता का विषय बताते हुए कहा कि यह संतुलित और दीर्घकालिक वित्तीय प्रबंधन का संकेत नहीं है।
उन्होंने वित्तीय जिम्मेदारी एवं बजट प्रबंधन अधिनियम (FRBM) का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार 3 प्रतिशत की सीमा के आधार पर कर्ज ले रही है, जबकि केंद्र की अनुमति से इसे 3.5 से 4 प्रतिशत तक बढ़ाया जा रहा है। सिंह ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कर्ज लेने की होड़ मची है और इसे लेकर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और वर्तमान मुख्यमंत्री मोहन यादव के कार्यकाल की तुलना भी की।
राष्ट्रीय राजनीति का संदर्भ देते हुए कांग्रेस विधायक ने कहा कि वर्ष 2014 में “हर-हर मोदी, घर-घर मोदी” का नारा था, लेकिन 2025 के बाद परिस्थितियां बदल चुकी हैं। उन्होंने पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा शुरू किए गए गुटनिरपेक्ष आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में भारत की वैश्विक साख अलग थी।
उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉन एफ. कैनेडी का उदाहरण देते हुए कहा कि संवाद और समन्वय की राजनीति ही वैश्विक नेतृत्व की पहचान होती है। वर्तमान परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि देश की विरासत को मिटाने का प्रयास हो रहा है। सिंह ने महात्मा गांधी के विचारों पर कथित हमलों और मनरेगा जैसी योजनाओं की स्थिति पर भी चिंता जताई।
श्रीराम को लेकर भाजपा विधायक सीताशरण शर्मा ने आपत्ति ली। कहा तमीज से बात करें। आपत्तिजनक शब्द न बोले। मामले को लेकर हंगामा विलोपित करने की मांग। मनरेगा का नाम जीरामजी को लेकर कांग्रेस विधायक ने कहा था। वहीं, सत्ता पक्ष के विधायकों ने कहा कि राम का अपमान हमेशा कांग्रेस ने किया। हंगामा जारी है।
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