
भोपाल– वैचारिक महाकुम्भ के अवसर पर प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी द्वारा महाकाल बाबा के दर्शन एवं क्षिप्रा स्नान से परहेज रखना विवादों में आ गया है.राष्ट्र के मुखिया प्रधानमन्त्री द्वारा सिंहस्थ कुम्भ में वैचारिक कुम्भ आयोजन में शामिल होना एवं महाराजाधिराज महाकाल के दर्शनों हेतु ना जाना ना ही क्षिप्रा स्नान करने से जनमानस में यह सन्देश गया है की सिर्फ राजनैतिक लाभ के लिए सनातन के इस महापर्व में पधानमंत्री ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई.
मप्र कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने निवास पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा की प्रधानमन्त्री ने एक दल विशेष का समर्थन करते हुए महाकाल बाबा का अपमान किया है यहाँ तक उन्होंने महाकाल के गणों नागा साधुओं को सिर्फ सिंहस्थ में फोटोग्राफी का साधन बता नागा साधुओं के राष्ट्र,समाज एवं मानवता के प्रति बलिदान का भी अपमान किया है.
नागा साधुओं के संबंद्ध में ज्ञान प्रधानमन्त्री को नहीं है वे तो सिर्फ राजनैतिक लाभ के लिए उज्जैन आये.नागा साधुओ को लेकर उन्होंने कहा की लोग सिंहस्थ में नागा साधू देखने आते हैं.इस बयान को लेकर साधू समाज एवं अखाड़ा परिषद् ने नाराजगी व्यक्त की है.
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