नई दिल्ली – संजय दत्त स्टारर ‘आखिरी सवाल’ फिल्म का निर्माण निखिल नंदा और संजय दत्त ने निखिल नंदा मोशन पिक्चर्स और नीम ट्री एंटरटेनमेंट के बैनर तले किया है. इसके निर्देशक अभिजीत मोहन वारंग हैं, जिनकी पिछली फिल्म ‘पिकासो’ को 67वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में ‘विशेष उल्लेख’ मिला था.
फिल्म की कहानी, पटकथा और संवाद उत्कर्ष नैथानी के हैं, संगीत मोंटी शर्मा का है और गीत कुमार विश्वास ने लिखे हैं. संजय दत्त के अलावा फिल्म में नमाशी चक्रवर्ती, अमित साध, समीरा रेड्डी, नीतू चंद्रा, त्रिधा चौधरी, मृणाल कुलकर्णी, निखिल नंदा, अर्चना अय्यर और बिपिन नाडकर्णी हैं.
फिल्म की कहानी एक युवा शोधार्थी विक्की हेगड़े (नमाशी चक्रवर्ती) और उसके प्रोफेसर गोपाल नाडकर्णी (संजय दत्त) के बीच बहस की है. यह बहस आरएसएस से जुड़े पांच विवादित सवालों पर होती है, जिनमें गांधी की हत्या में उसकी कथित भूमिका, बाबरी मस्जिद विध्वंस और आपातकाल आदि शामिल हैं. फिल्म के प्रमोशन के दौरान पोस्टर्स पर भी यही पांच सवाल थे.
खबरों के मुताबिक फिल्म ने सिनेमाघरों में मात्र 2.45 करोड़ रुपये कमाए. बॉलीवुड हंगामा के बॉक्स-ऑफिस आंकड़े इसे ‘फ्लॉप फिल्म’ की श्रेणी में रखते हैं. बताया जाता है कि इसे बनाने में करीब 30 करोड़ रुपये लगे थे. सामान्य तौर पर यह ऐसा घाटा है जिसकी भरपाई मुश्किल है.
सार्वजनिक प्रसारक प्रसार भारती के ‘कंटेंट सोर्सिंग डिवीज़न’ के दस्तावेज़ों पर गई हमारी नजर बताती है कि जून, 2026 तक प्रसार भारती इस फिल्म पर 4.28 करोड़ रुपये खर्च कर चुका है, और मार्च, 2027 तक 4.65 करोड़ रुपये और खर्च करेगा. इस तरह इस फिल्म पर कुल खर्च 8.93 करोड़ रुपये प्रसार भारती खर्च कर रहा है. वहीं, फिल्म में प्रसार भारती का नाम सह-निर्माता के रूप में दिखता है.
लेकिन प्रसार भारती इस फिल्म से कब जुड़ा? ये पैसे उसने फिल्म निर्माण के लिए दिए हैं या फिर उसके प्रसारण के लिए? इस बारे में अभी तक प्रसार भारती ने कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है.
ये दस्तावेज़ अगस्त में प्रसार भारती के वित्त विभाग के कहने पर जमा किए गए थे. जिसमें खर्च और कमाई का ब्योरा है. न्यूज़लॉन्ड्री को पता चला है कि इनका मकसद प्रसार भारती को वित्त वर्ष की आय का अनुमान पक्का करने में मदद देना था.
दस्तावेजों के मुताबिक ‘कंटेंट सोर्सिंग डिवीज़न’ का 2026-27 का कुल बजट लगभग 280 करोड़ रुपये है. इसमें से जून तक 55.96 करोड़ रुपये खर्च हो चुके थे और मार्च 2027 तक करीब 223 करोड़ रुपये और खर्च होंगे. यानी एक अकेली फिल्म ‘कंटेंट सोर्सिंग डिवीज़न’ के पूरे साल के खर्च का लगभग तीन प्रतिशत है.
गौरतलब है कि इसी वित्त वर्ष में प्रसार भारती ने 59 हॉलीवुड फिल्मों के अधिकार कुल 15 करोड़ रुपये में खरीदे हैं, यानी करीब 25 लाख रुपये प्रति फिल्म. जबकि ‘आखिरी सवाल’ की कीमत इससे कहीं ज़्यादा है.
किसी फिल्म के बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप होने को उसकी पूरी कमाई की कहानी मान लेना ठीक नहीं होगा. बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों में अक्सर वह कॉरपोरेट समझौते, लाइसेंसिंग डील और ओटीटी से मिलने वाली रकम शामिल नहीं होती, जो किसी फिल्म की कुल कमाई और मुनाफे की तस्वीर को बदल सकती हैं. लेकिन इसका दूसरा पहलू भी है. अगर फिल्म के निर्माताओं को दूसरे माध्यमों से अपनी लागत वसूल करने की उम्मीद थी, तो फिर यह सवाल और महत्वपूर्ण हो जाता है कि सार्वजनिक प्रसारक के 8.93 करोड़ रुपये इस पूरी व्यवस्था में किस काम के लिए लगाए गए थे.
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