भोपाल : मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि आज उज्जयिनी का जन्म उत्सव है। अवन्तिका नगरी तीन लोक से न्यारी और प्यारी है। उज्जयिनी नगरी अलौकिक और अदभुत नगरी है, जो अपनी संस्कृति और परम्परा को सहेजे हुए है। यहां आकर हमेशा एक अदभुत और दिव्य अनुभव होता है। उज्जैन का शुद्ध एवं सात्विक वातावरण सबका मन मोहता है। आज का दिन अदभुत है, आज गुड़ी पड़वा है। इस दिन विक्रम संवत का प्रारम्भ हुआ। सम्राट विक्रमादित्य ने उस काल में शको और हुणों को पराजित कर विजयी भारत की नींव रखी। हमें यह याद रखना चाहिये कि हमारी संस्कृति हजारों वर्ष पुरानी है। सनातन नया वर्ष आज प्रारम्भ हो रहा है और इसी दिन वर्ष 2005 से हमने विक्रमोत्सव मनाना शुरू किया था। आज ही के दिन अवन्तिका का गौरव दिवस मनाया जा रहा है। उज्जैन का गौरव सबको गौरवान्वित करता है। उज्जैन की अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान है जो युगों से पल्लवित होती रही है। सृष्टि के आरम्भ से ही उज्जयिनी का अस्तित्व माना जाता है। युग बदलते गये और उज्जैन को उज्जयिनी, अवन्तिका, कनकश्रृंगा आदि नामों से जाना जाता रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरूड़ पुराण में उज्जैन को सर्वश्रेष्ठ नगरी बताया गया है। वहीं अग्निपुराण में उज्जयिनी को मोक्षदा कहा गया है। पार्वती माँ के कहने पर भगवान शिव ने उज्जयिनी नगरी बसाई थी। इसीलिये उज्जयिनी नगरी को विशाला भी कहते हैं।
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