उन्होंने अपना नामांकन इग्नू के क्षेत्रीय केंद्र द्वारा महाराजा बिजलीपासी राजकीय महाविद्यालय में लगाए गए जागरूकता शिविर में कराया। इस शिविर में किन्नर समुदाय के बहुत सारे लोगों ने भाग लिया।
सुधा किन्नर ने कहा, “इग्नू ने किन्नर समाज को शिक्षा के माध्यम से मुख्यधारा में जोड़ने का जो प्रयास किया है, वह सराहनीय है। इस पहल से किन्नरों के सामाजिक जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आएगा, जो उन्हें सशक्त बनाएगा।”
इग्नू की क्षेत्रीय निदेशक डॉ. मनोरमा सिंह ने कहा कि इग्नू अभी तक बंदियों को नि:शुल्क शिक्षा प्रदान कर रहा था, अब यही सुविधा जुलाई, 2017 सत्र से ट्रांसजेंडर समुदाय के विद्यार्थियों को भी दी जाएगी। क्षेत्रीय केंद्र का प्रयास रहेगा कि जन-जागरण द्वारा इस समुदाय के व्यक्तियों को इग्नू द्वारा दी जा रही मुफ्त शिक्षा के विषय में बताया जाए, ताकि वे इन सुविधाओं का ज्यादा से ज्यादा लाभ उठा सकें।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का प्रयास रहेगा कि किन्नर समुदाय के लोगों को उनके द्वार पर शिक्षा उपलब्ध कराई जाए।
सहायक क्षेत्रीय निदेशक डॉ. अनामिका सिन्हा ने बताया कि इग्नू में नामांकन कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई है। इसके विषय में अधिक जानकारी इग्नू की वेबसाइट से ली जा सकती है।
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