चेन्नई, 9 जून (आईएएनएस)। पिछले साल सरकार के ‘हस्तक्षेप’ के चलते केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने वाली नृत्यांगना लीला सैमसन का कहना है कि ‘उड़ता पंजाब’ सीबीएफसी के हाथों ‘हलाल’ हो रही एक और फिल्म है।
सैमसन ने ‘उड़ता पंजाब’ संबंधी विवाद बढ़ने को लेकर बुधवार को अपने फेसबुक पेज पर विचार व्यक्त किए, जिसके निर्माताओं को सीबीएफसी के अध्यक्ष पहलाज निहलानी ने फिल्म में 89 कट लगाने का सुझाव दिया है।
सैमसन ने लिखा, “उड़ता पंजाब’ एक ऐसी फिल्म है, जिसे देश के कुछ बिंदास व बेहतरीन इंडस्ट्री वालों ने बनाया है। यह सीबीएफसी के हाथों हलाल हो रही एक अन्य फिल्म है।”
उनकी राय है कि फिल्म जगत के मसलों को सिर्फ सिनेजगत को ही देखना चाहिए।
सैमसन ने ‘उड़ता पंजाब’ का विरोध करने वालों को अप्रत्यक्ष संदेश देते हुए कहा, “जिसे ये पसंद नहीं है, उन्हें इसे नहीं देखना चाहिए।”
उन्होंने कहा, “भगवान के लिए स्विच ऑफ कर दें। कला अनिवार्य नहीं है।”
सैमसन ने सीबीएफसी और इसकी समितियों को ‘पाखंडी’ बताया और फिल्मकारों से इसके खिलाफ मिलकर आवाज उठाने का अनुरोध है।
सैमसन ने कहा, “यह एक अच्छी जंग है।”
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