लखनऊ, 10 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 13 सीटों के लिए शुक्रवार को मतदान हो रहे हैं।
विधान परिषद की इन 13 सीटों के लिए 14 उम्मीदवार मैदान में हैं। मतदान से पहले समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस दोनों ने जबरदस्त लॉबिंग की, जिसके लिए विधायकों को गुरुवार को शानदार रात्रिभोज दिया गया।
सत्तारूढ़ सपा ने बलराम यादव, जगजीवन प्रसाद, कमलेश पाठक, बुक्कल नवाब, यशवंत सिंह, राम सुंदर दास निषद, रणविजय सिंह और शत्रुघ्न प्रकाश को चुनावी मैदान में उतारा है।
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने अतर सिंह राव, सुरेश कश्यप और दिनेश चंद्र को चुनावी मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस ने दीपक सिंह और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भूपेंद्र सिह व दया शंकर सिंह पर चुनावी दांव खेला है।
सपा को अपने आठ उम्मीदवारों के लिए 232 विधायकों के समर्थन की जरूरत है, लेकिन ऐसी खबरें हैं कि इनमें से कई विधायक पार्टी लाइन से बाहर जाकर ‘क्रॉस वोटिंग’ कर सकते हैं।
सपा ने इस तरह की आशंकाओं के बीच गुरुवार को विधायकों के लिए रात्रिभोज का आयोजन किया, जिसमें पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव स्वयं सक्रिय रूप से मेजबानी की।
बसपा ने तीन उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारा है। पार्टी के 80 विधायक हैं, जबकि उसे सात अतिरिक्त विधायकों की जरूरत है।
भाजपा के 41 विधायक हैं, जिससे उसके केवल एक उम्मीदवार की जीत हो सकती है, लेकिन उसने एक अन्य उम्मीदवार खड़ा किया है। उसकी नजर अपना दल, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और एक निर्दलीय विधायक के साथ-साथ कुछ अन्य विधायकों द्वारा पार्टी लाइन से बाहर जाकर मतदान करने पर है।
कांग्रेस को अपने एकमात्र उम्मदीवार के जीत की उम्मीद है। उसके विधानसभा में 29 विधायक हैं।
राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) ने फैसला किया है कि उसके आठ में से चार विधायक कांग्रेस के लिए मतदान करेंगे, जबकि बाकी सपा के उम्मीदवारों को समर्थन देंगे।
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